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उत्तराखंड में सरकारी जमीनों पर कांग्रेस का हमला, 360 करोड़ के नुकसान का आरोप

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मीडिया लाइव, देहरादून : उत्तराखंड में सरकारी और लीज की जमीनों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकारी जमीनें लगातार कम हो रही हैं और यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। कांग्रेस की चार्जशीट कमेटी ने उत्तराखंड सरकारी जमीन विवाद को लेकर सरकार से पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

12 सितंबर को देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में कांग्रेस की चार्जशीट कमेटी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें कमेटी अध्यक्ष करन माहरा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य मौजूद रहे।

आरोप क्या हैं?
करन माहरा ने कहा कि जमीन आवंटन के लिए ऐसी शर्तें रखी गई हैं कि स्थानीय युवा उसमें टिक ही नहीं सकता। शर्तों में 60 करोड़ की नेटवर्थ, 25 देशों में कारोबार और 1000 कमरों वाले होटल के संचालन का अनुभव मांगा गया है। इससे बड़े बाहरी कंपनियों को फायदा पहुंच रहा है।

माहरा के अनुसार, अगर जमीन 1 करोड़ रुपए प्रति बीघा के हिसाब से भी बेची जाती तो सरकार को 360 करोड़ रुपए का राजस्व मिलता। एक अन्य मामले में 36 बीघा जमीन 128.36 करोड़ में दी गई, लेकिन 3 महीने बाद ही विभागीय आकलन में उसकी कीमत 254 करोड़ हो गई। इससे सरकार को करीब 125 करोड़ का नुकसान हुआ। कांग्रेस का कहना है कि यह मामला 2025 में ही सुलझ गया था, फिर भी ऐसी गड़बड़ी हुई।