हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद: कांग्रेस सांसद राष्ट्रपति को सौंपेंगे ज्ञापन
हल्द्वानी / नई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कथित “शुद्धिकरण हवन” का मामला अब राष्ट्रपति भवन तक पहुंच गया है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों से जुड़े कांग्रेस के 32 सांसदों ने सोमवार (7 सितंबर, 2026) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को याचिका सौंपने का फैसला किया है। यह फैसला पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हल्द्वानी में आयोजित हुए कथित शुद्धिकरण यज्ञ के विरोध में लिया गया है। कांग्रेस सांसदों ने इस घटना को दलित और आदिवासी समुदाय के अपमान के तौर पर देखते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है।
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद सार्वजनिक मैदान में किए गए कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान का मामला अब दिल्ली तक पहुंच गया है।इस विवाद को लेकर सोमवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में कांग्रेस के एससी-एसटी सांसदों की अहम बैठक हुई। बैठक में सांसदों ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताई।सांसदों का कहना है कि यह सिर्फ एक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के सम्मान और उनके संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला है। यह एक सोची-समझी मानसिकता को दिखाता है।बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। तय किया गया कि इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा और इसे संसद से लेकर सड़क तक उठाया जाएगा।
बैठक में तय हुई रणनीति, राष्ट्रपति को दिया जाएगा ज्ञापनबैठक की अध्यक्षता कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयक के. राजू ने की। के. राजू एआईसीसी में एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय समन्वयक हैं।बैठक में हल्द्वानी की घटना को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। सांसदों ने तय किया कि इस पूरे मामले पर एक साझा ज्ञापन तैयार किया जाएगा।कांग्रेस ने जानकारी दी कि यह संयुक्त ज्ञापन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपा जाएगा। ज्ञापन में राष्ट्रपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।