नंदा देवी बड़ी जात यात्रा 2026: 66 किमी मार्ग दुर्गम, एडवाइजरी जारी
मीडिया लाइव चमोली: Nanda Devi Badi Jat Yatra 2026 के आयोजन को लेकर वन विभाग, पुलिस और SDRF की संयुक्त टीम ने प्रस्तावित पैदल यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। वाण से होमकुंड होते हुए सुतोल तक 66 किलोमीटर से अधिक ट्रैक का परीक्षण किया गया, जिसमें कई पड़ाव अत्यंत दुर्गम, जोखिमपूर्ण और भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील पाए गए। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने आयोजन समिति को आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत एडवाइजरी जारी की है।
क्या हुआ और कहाँ? संयुक्त टीम ने दो सेक्टर में निरीक्षण किया। पहला सेक्टर वाण से होमकुंड होते हुए सुतोल तक, जिसमें वाण से ज्यूरागली तक लगभग 32 किलोमीटर और सुतोल से होमकुंड तक लगभग 34 किलोमीटर क्षेत्र शामिल है। टीम ने यात्रा मार्ग की वर्तमान स्थिति, सुगमता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
क्यों और कैसे जोखिमपूर्ण? स्थलीय निरीक्षण में मार्ग के कई हिस्से अत्यंत दुर्गम वन क्षेत्रों और निर्जन पड़ावों से गुजरते मिले। जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि यह पूरा क्षेत्र आपदा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। बेदनी से आगे का क्षेत्र विशेष रूप से जोखिमपूर्ण माना गया है, इसलिए प्रशासन ने यात्रा को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यथासंभव सीमित रखने की अपेक्षा की है।
किसने क्या कहा? जिला पर्यटन विकास अधिकारी ने श्री नंदा देवी बड़ी जात आयोजन समिति को पत्र जारी कर एडवाइजरी दी है। इसमें कहा गया है कि यात्रा का आयोजन आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही किया जाए। सभी श्रद्धालुओं के लिए वाण में बेदनी प्रस्थान से पूर्व अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण की सलाह दी गई है, ताकि यात्रा के दौरान अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। श्रद्धालुओं से जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की गई है।