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कीवी उत्पादन से बदली पौड़ी के युवा की किस्मत – 18 क्विंटल की शानदार पैदावार

दिनेश्वर सिंह, पौड़ी, 11 अक्टूबर 2026: कीवी उत्पादन ने साबित कर दिया है कि पहाड़ की बंजर जमीन भी सोना उगल सकती है। पौड़ी के क्यार्क गांव के रहने वाले दीपक नौटियाल ने दिल्ली और यूरोप की नौकरी छोड़कर अपने गांव लौटने का फैसला किया और बागवानी को अपना करियर बनाया। आज उनका फार्म न सिर्फ 18 क्विंटल कीवी पैदा कर रहा है, बल्कि 120 पहाड़ी महिलाओं के लिए रोजगार का बड़ा सहारा बन गया है। यह कहानी पलायन को रोकने की सबसे बेहतरीन मिसाल है।

पौड़ी जिले के क्यार्क गांव निवासी दीपक नौटियाल पहले दिल्ली और यूरोप में नौकरी करते थे। बाहर की भागदौड़ भरी जिंदगी छोड़कर उन्होंने 2021 में अपने पहाड़ लौटने का मन बनाया।

उन्होंने बैंजवाड़ी में 30 नाली जमीन पर फल उत्पादन का फार्म शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने कीवी के सिर्फ 50 पौधे लगाए थे। हिम्मत और मेहनत रंग लाई और 2022 में उन्होंने पौधों की संख्या बढ़ा दी। आज उनके फार्म में कीवी के लगभग 250 पौधे हैं।

क्या उगाया जा रहा है फार्म में और कितना होता है कीवी उत्पादन

कीवी उत्पादन ही उनके फार्म का मुख्य आधार है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने विविधता पर भी ध्यान दिया है।

फार्म में मौजूदा स्थिति:कीवी के पौधे: 250सेब के पौधे: 400नींबू और माल्टा के पौधे: 150अन्य फल: पुलम, एप्रिकॉट

एक सीजन में उनके फार्म से करीब 18 क्विंटल कीवी का उत्पादन होता है। कीवी की तुड़ाई का मुख्य समय अक्टूबर का महीना है। अच्छी बात यह है कि वे बिना केमिकल दवाइयों के फल उगाने पर जोर देते हैं।

इस काम में उन्हें सरकारी योजनाओं से भी मदद मिली। उद्यान विभाग से 80 प्रतिशत सब्सिडी पर सहयोग मिला है। सिंचाई के लिए टैंक उद्यान विभाग ने दिया, तो कृषि विभाग ने फार्म की घेरबाड़ करवाई।

महिलाओं को मिला रोजगार

दीपक का यह प्रयास सिर्फ फल उगाने तक सीमित नहीं है। यह कीवी उत्पादन से महिला सशक्तिकरण की कहानी भी है। फार्म से फल तोड़ने के बाद उसे सीधे बाजार में नहीं भेजा जाता। फल की सफाई और प्रोसेसिंग का काम स्थानीय महिला समूहों को दिया जाता है। पौड़ी के करीब 10 से 12 महिला स्वयं सहायता समूह इस काम से जुड़े हैं।

इन समूहों के जरिए लगभग 120 महिलाओं को काम मिला है। महिलाएं बुरांश, जैम, चटनी, अचार और बिस्किट जैसे कई पहाड़ी उत्पाद भी तैयार करती हैं।

 बिक्री और कहां तक पहुंचता है पहाड़ का स्वाद

कीवी उत्पादन के बाद बिक्री के लिए दीपक ने ‘रंगीलो छबीलो ग्रुप’ बनाया है। इसी ग्रुप के जरिए ऑनलाइन मांग और मार्केटिंग का पूरा काम संभाला जाता है।

मार्केटिंग की टीम में करीब 22 लोग काम करते हैं। उनके उत्पादों की मांग दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों से आती है। कुछ उत्पाद तो यूरोप तक भी निर्यात किए जाते हैं। फार्म में सामान्य दिनों में 4 लोग काम करते हैं, जबकि सीजन में यह संख्या 10 से 15 तक पहुंच जाती है।

पहाड़ में भी संभावनाएं हैं, बस खेती को बाजार से जोड़ने की जरूरत है। – दीपक नौटियाल

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