
भांग खेती पर देहरादून में सख्त कार्रवाई, DM के 5 बड़े फैसले
अमित सिंह, देहरादून 10 अक्टूबर 2026भांग खेती को लेकर देहरादून में जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई शुरू की है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने साफ आदेश दिया है कि जिले में कहीं भी भांग, अफीम, गांजा या चरस की खेती या कारोबार मिला तो संबंधित क्षेत्र के पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे। शुक्रवार को हुई नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन समिति(NCORD) बैठक में DM ने युवाओं को नशे से बचाने के लिए 2 नई सलाइवा-बेस्ड ड्रग्स टेस्टिंग मशीनों की खरीद को तुरंत मंजूरी दी और स्कूल-कॉलेजों में हर महीने नशामुक्ति शपथ अनिवार्य कर दी।
भांग खेती पर एक्शन जरूरी है
भांग खेती दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में चोरी-छिपे की जा रही है जो नशे के कारोबार की जड़ है। DM ने कहा कि स्कूल-कॉलेज के छात्र नशा तस्करों के सबसे आसान निशाने पर होते हैं। जब तक मांग खत्म नहीं होगी, तस्करी नहीं रुकेगी। इसलिए प्रशासन अब आपूर्ति के साथ-साथ मांग पर भी चोट करेगा।
भांग खेती पर फैसला लिया गया
इस बार भांग खेती को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। कल्याणपुरी में भांग खेती की शिकायत मिलने पर आबकारी विभाग ने मौके पर जाकर पूरी खेती नष्ट कराई। इस मामले में संबंधित पटवारी और ग्राम विकास अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। DM ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी क्षेत्र में भांग खेती या अन्य मादक पदार्थ की खेती मिली तो जवाबदेही तय होगी।
कैसे रुकेगी भांग खेती और नशा तस्करी?
भांग खेती और नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए 5 स्तर पर काम होगा:
1. भांग खेती के लिए विशेष अभियान: दूरस्थ गांवों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम विशेष अभियान चलाकर भांग खेती को नष्ट करेगी।
2. स्कूलों में जागरूकता और टेस्टिंग: हर शिक्षण संस्थान में हर महीने एक दिन नशामुक्ति की शपथ दिलाई जाएगी। नशे के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक नुकसान बताए जाएंगे। ड्रग्स टेस्टिंग अभियान भी चलेगा।
3. नई टेक्नोलॉजी से जांच: टेस्टिंग में कमी को देखते हुए 2 नई सलाइवा-बेस्ड मशीनें खरीदी जा रही हैं। इससे मौके पर ही जांच संभव होगी।
4. नशामुक्ति केंद्रों का निरीक्षण: सभी SDM को थाना प्रभारियों के साथ नशामुक्ति केंद्रों और मलिन बस्तियों का निरीक्षण कर नशे की गिरफ्त में आए लोगों से फीडबैक लेने को कहा गया है।
5. मेडिकल स्टोरों पर शिकंजा: सभी मेडिकल स्टोरों पर CCTV अनिवार्य किया गया है। संदिग्ध दवाओं के 8 सैंपल जांच को भेजे गए हैं और एक स्टोर का लाइसेंस निरस्त किया गया है।
आंकड़ों में कार्रवाई : भांग खेती के खिलाफ इस मुहिम में पुलिस ने सितंबर 2026 तक NDPS एक्ट में 244 मुकदमे दर्ज कर 281 आरोपियों को जेल भेजा है। 15 मामले वाणिज्यिक मात्रा के हैं। ANTF ने 95 जगहों पर चेकिंग की। सितंबर में स्कूलों में किए गए 147 ड्रग्स टेस्ट की सभी रिपोर्ट निगेटिव आई, जो अच्छी खबर है। हेल्पलाइन 1933 का प्रचार किया जा रहा है।
नशा मुक्ति से जुडी हुई ये खबर पढ़ा सकते हैं : narcoordindia.gov.in/narcoordindia/judgements.php