
दिव्यांग मतदाता: देहरादून में 46 गांवों तक पहुंचा शानदार अभियान, रेफल होम में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
संतोष पोखरियाल, देहरादून 10 अक्टूबर 2026 : दिव्यांग मतदाता को लोकतंत्र की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए देहरादून प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर जिले में स्वीप कार्यक्रम के तहत मोहनी रोड स्थित रेफल होम में शुक्रवार को जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान की शुरुआत 08 अक्टूबर 2026 से हुई है, जिसके तहत दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और बुक्सा जनजाति के 46 गांवों में सघन प्रचार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अंतिम छोर पर खड़े हर पात्र व्यक्ति को उसके मताधिकार के प्रति जागरूक करना है।
देहरादून में वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए प्रशासन अब घर-घर तक पहुंच रहा है। इसी कड़ी में दिव्यांग मतदाता को केंद्र में रखकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। रेफल होम, जो दिव्यांगजनों की एक आवासीय संस्था है, वहां मौजूद लोगों को मतदान की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया गया।अधिकारियों ने कहा कि कई बार दिव्यांग मतदाता जानकारी के अभाव में वोट डालने नहीं जा पाता है। मतदान केंद्र पर व्हीलचेयर, रैंप, और सहायकों की सुविधा होती है, लेकिन इसकी जानकारी सभी तक नहीं पहुंच पाती। इसी दूरी को खत्म करने के लिए यह कार्यक्रम किया गया।इस दौरान दिव्यांग मतदाता को ईवीएम से वोट डालने का तरीका, वीवीपैट की पर्ची देखने और मतदान की गोपनीयता बनाए रखने के बारे में विस्तार से समझाया गया।
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यह कार्यक्रम शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2026 को देहरादून के मोहनी रोड स्थित रेफल होम में आयोजित किया गया।रेफल होम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन रहते हैं। प्रशासन ने जानबूझकर इसी स्थान को चुना, ताकि दिव्यांग मतदाता को एक ही जगह पर सारी जानकारी मिल सके। जनपद स्तर पर यह अभियान 08 अक्टूबर से शुरू होकर आगामी चुनाव तक लगातार चलेगा।
यह पूरा अभियान जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान के दिशा-निर्देश पर संचालित हो रहा है। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं दिव्यांगजन नोडल अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने किया।उन्होंने उपस्थित दिव्यांग मतदाता को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर एक वोट की कीमत है और दिव्यांग मतदाता की भागीदारी से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होता है।कार्यक्रम में प्रिया लाल, पूनम चमोली, पुष्पेंद्र और प्रज्वल सहित रेफल होम के कई सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने मतदान करने की शपथ भी ली।
दिव्यांग मतदाता को सशक्त बनाना है लक्ष्य
प्रशासन का मानना है कि जब तक दिव्यांग मतदाता मतदान में पूरी तरह भाग नहीं लेगा, तब तक समावेशी लोकतंत्र की कल्पना अधूरी है। इस अभियान के तीन बड़े उद्देश्य हैं:
शत-प्रतिशत भागीदारी: कोई भी पात्र दिव्यांग मतदाता वोट डालने से वंचित न रहे।
भ्रांतियों को दूर करना: मतदान केंद्रों पर मिलने वाली सुविधाओं के बारे में सही जानकारी देना।
प्रेरणा बनाना: एक दिव्यांग मतदाता जब वोट डालता है, तो वह समाज के अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा बनता है।
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