
डॉ. ओम प्रकाश तिवारी को यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से नवाजा गया
जसपाल सिंह, श्रीनगर/पौड़ी, 29 अक्टूबर 2026 : डॉ. ओम प्रकाश तिवारी को यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से नवाजा गया। उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल से उच्च शिक्षा और रिसर्च की दुनिया के लिए एक बहुत ही गौरवशाली खबर सामने आई है। हाल ही में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान गढ़वाल विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान एवं सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. ओम प्रकाश तिवारी को यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से नवाजा गया है।
डॉ. तिवारी को यह प्रतिष्ठित सम्मान उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) द्वारा आयोजित 21वें उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सम्मेलन के दौरान दिया गया। यह दो दिवसीय सम्मेलन 25 और 26 अक्टूबर को आयोजित किया गया था, जिसके समापन समारोह में उन्हें यह मेडल और सम्मान पत्र सौंपा गया।
जानिए क्यों डॉ. ओम प्रकाश तिवारी को यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड से नवाजा गया
अक्सर जब लोगों को कोई बड़ा अवॉर्ड मिलता है, तो मन में सवाल आता है कि उन्होंने ऐसा क्या खास काम किया है। डॉ. ओम प्रकाश तिवारी को यह सम्मान ‘वन पारिस्थितिकी’ (Forest Ecology) के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए बेहद महत्वपूर्ण और अनूठे शोध (Research) के लिए मिला है।
अपने इस शानदार रिसर्च प्रोजेक्ट के दौरान डॉ. तिवारी ने हिमालयी वनों की बदलती हुई परिस्थितियों और वहां की वनस्पतियों पर गहरा अध्ययन किया है। उन्होंने विशेष रूप से हिमालय के जंगलों में पाई जाने वाली झाड़ियों और छोटे पौधों (Understory Vegetation) की उत्पादकता और उनकी कार्बन स्टोरेज क्षमता (Carbon Sequestration) को नापने के लिए कुछ खास वैज्ञानिक मॉडल विकसित किए हैं।
डॉ. तिवारी का मानना है कि हिमालयी जंगलों में उगने वाले ये छोटे पौधे और झाड़ियां हमारे पर्यावरण के इकोसिस्टम को संतुलित रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं। उनके इसी शानदार दृष्टिकोण और डेटा-बेस्ड रिसर्च को देखते हुए विज्ञान सम्मेलन में मौजूद देश-विदेश के विशेषज्ञों ने उनके काम को सराहा।
उत्तराखंड की बड़ी हस्तियों ने दिया यह सम्मान
इस विज्ञान सम्मेलन के समापन समारोह में उत्तराखंड की कई जानी-मानी और प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हुईं। मंच पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद उत्तराखंड के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री अनिल रतूड़ी और उत्तराखंड सरकार की पूर्व मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने अपने हाथों से डॉ. तिवारी को यह पुरस्कार प्रदान किया।
पुरस्कार मिलने के बाद डॉ. ओम प्रकाश तिवारी ने इस बड़ी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों और विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया। उन्होंने विशेष तौर पर अपने रिसर्च गाइड, गढ़वाल विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के सेवानिवृत्त प्रोफेसर और भरसार विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. सी.एम. शर्मा के कुशल मार्गदर्शन को याद किया, जिनके सान्निध्य में उन्होंने अपना यह पूरा शोध कार्य संपन्न किया है।
मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले हैं डॉ. तिवारी
आपको बता दें कि डॉ. ओम प्रकाश तिवारी मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर विकासखंड के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी बीएससी (2010), एमएससी (2012) और पीएचडी (2019) की पढ़ाई भी इसी HNB Garhwal University से ही पूरी की है। वर्तमान में वह इसी विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात होकर नई पीढ़ी को शिक्षा दे रहे हैं। उनके कई महत्वपूर्ण शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में भी प्रकाशित हो चुके हैं。