
बच्चे न हों यौन शोषण का शिकार, दी गयी कानूनी जानकारी: पौड़ी में जिला जज ने सुरक्षा शिविर से जगाई 1 बड़ी अलख
गणेश नेगी, पौड़ी, 28 अक्टूबर 2026: बच्चे न हों यौन शोषण का शिकार, दी गयी कानूनी जानकारी के तहत आज समाज और शिक्षण संस्थानों में बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा कानूनों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को हिल्स इंटरनेशनल स्कूल, पौड़ी में एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के राष्ट्रव्यापी ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ का एक हिस्सा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला जज धर्म सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में बच्चों की सुरक्षा पर खुलकर बात की गई।
बच्चे न हों यौन शोषण का शिकार, सुरक्षित बचपन अभियान की शुरुआत हुई
यह जागरूकता शिविर मंगलवार को पौड़ी स्थित हिल्स इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित हुआ। नालसा के दिशा-निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पौड़ी द्वारा इसे संचालित किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, बाल यौन शोषण से बचाव, व्यक्तिगत सुरक्षा और इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग के तौर-तरीकों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला जज धर्म सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
ये भी पढ़ें : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शुरू किए ये दो अभियान
जिला जज धर्म सिंह ने बच्चों को सुरक्षा को लेकर क्या नसीहत दी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जज धर्म सिंह ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में रहने, शिक्षा प्राप्त करने और सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ ही व्यक्तिगत एवं ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्क रहें।
उन्होंने बच्चों को भरोसा दिया कि किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार, शोषण अथवा उत्पीड़न की स्थिति में वे बिना किसी भय और संकोच के अपने माता-पिता, शिक्षकों या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी दें। उन्होंने साफ किया कि बच्चों की सुरक्षा पूरी तरह से एक सामूहिक जिम्मेदारी है। आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पीड़ितों को निःशुल्क विधिक सहायता भी प्राप्त कराई जा सकती है।
सचिव नाज़िश कलीम ने अभियान के चरणों और पॉक्सो एक्ट पर क्या बताया
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज (सीनियर डिवीजन) नाज़िश कलीम ने मंच से अभियान की विस्तृत रूपरेखा साझा की। उन्होंने बताया कि ‘हर बच्चे का बचपन, हम सबकी जिम्मेदारी’ संदेश के साथ इस विशेष अभियान को संचालित किया जा रहा है। अभियान का प्रथम चरण 26 से 31 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जबकि इसका द्वितीय चरण नवंबर 2027 तक जारी रहेगा।
सचिव नाज़िश कलीम ने शिविर में मौजूद बच्चों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), 2012 के कड़े प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को बाल यौन शोषण की रोकथाम, समाज में होने वाले अनुचित व्यवहार की सटीक पहचान करने और ऐसी किसी भी घटना की शिकायत दर्ज कराने की कानूनी प्रक्रिया के बारे में समझाया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को इंटरनेट एवं सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्राधिकारियों को देने के लिए प्रेरित किया।
हिल्स इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित इस भव्य शिविर में न्याय विभाग और शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शहजाद ए. वाहिद, सिविल जज अमित भट्ट, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल कमल प्रसाद बमराड़ा और वरिष्ठ अधिवक्ता महेश बलूनी ने भी बच्चों का मार्गदर्शन किया। इनके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी मास्टर आदर्श, स्कूल के प्रधानाचार्य विकास रावत सहित भारी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।