
उत्तराखंड विधानसभा सत्र 2026 की बड़ी खबरें: खण्डूड़ी और बिष्ट को किया याद, श्रद्धांजलि
जसपाल सिंह, गैरसैण, 27 अक्टूबर 2026 : उत्तराखंड विधानसभा सत्र 2026 आज से गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में गरिमा के साथ शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन सदन में दो बड़ी राजनीतिक हस्तियों—पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को याद किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों नेताओं याद करते हुए उन्हें पूरे सदन की तरफ से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह पूरा घटनाक्रम देवभूमि के विधायी इतिहास के लिए अत्यंत भावुक और ऐतिहासिक क्षण रहा।
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उत्तराखंड विधानसभा सत्र 2026 के पहले दिन दो विभूतियों को याद किया गया
गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में उत्तराखंड विधानसभा सत्र 2026 का औपचारिक आगाज हो चुका है। सत्र की शुरुआत में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी (सेवानिवृत्त) और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय श्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ही जननेताओं ने अपना संपूर्ण सार्वजनिक जीवन आम जनता की समस्याओं और उनके समाधान के लिए समर्पित किया। वे अपने पद और दायित्वों के साथ ही आम लोगों से गहरे जुड़ाव के लिए हमेशा याद किए जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी का देश और राज्य के विकास में क्या योगदान रहा
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मेजर जनरल भुवन चन्द्र खण्डूड़ी को याद करते हुए उनके जीवन को अनुशासन और ईमानदारी की मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि जनरल खण्डूड़ी सिर्फ एक अनुशासित सैनिक ही नहीं, बल्कि देश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) जैसी बड़ी योजनाओं के जरिए सड़कों का जाल बिछाने वाले कुशल राजनेता भी थे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और पारदर्शी शासन की नींव रखी।
विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूड़ी भूषण का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनरल खण्डूड़ी जी केवल उत्तराखण्ड के ही नहीं, बल्कि पूरे देश के नायक रहे। उन्होंने भारतीय सेना में रहते हुए वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में अपने साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया, जिसके लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।
पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट का जनसेवा और श्रमिकों के लिए क्या स्थान था
इसके बाद मुख्यमंत्री ने पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक सच्चा जननेता बताया। उन्होंने कहा कि बिष्ट जी ने एक साधारण परिवार से निकलकर छात्र राजनीति, ग्राम प्रधान और ब्लॉक प्रमुख से होते हुए मंत्री पद तक का सफर तय किया। वे हमेशा मजदूरों, जरूरतमंदों और मेहनत करने वाले लोगों की समस्याओं को हल करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर रहे।
इस पूरी राजनीतिक यात्रा में आम आदमी की समस्याएं और जनसरोकार उनके कार्यों के केंद्र में रहे। विशेष रूप से श्रमिकों और मेहनकट लोगों के प्रति उनका लगाव उनके व्यक्तित्व की बड़ी पहचान थी। मंत्री के रूप में भी श्रम, परिवहन और तकनीकी शिक्षा जैसे जनहित से जुड़े क्षेत्रों में उनका उल्लेखनीय योगदान रहा।
दोनों दिग्गज नेताओं का जाना देवभूमि उत्तराखंड के लिए कितनी बड़ी क्षति है
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि दोनों नेताओं की राजनीतिक विचारधाराएं भले ही अलग रही हों, लेकिन जनता के प्रति उनका समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास में दोनों का योगदान हमेशा आदर के साथ याद किया जाएगा। इन दोनों महान नेताओं का जाना उत्तराखंड के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। उत्तराखंड विधानसभा सत्र 2026 का पहला दिन इन महान विभूतियों के दिखाए गए जनसेवा के मार्ग पर चलने के संकल्प का गवाह बना है।
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