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राशन व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए देहरादून के सभी वार्डों में जबरदस्त छापेमारी

संतोष पोखरियाल, देहरादून, 14 अक्टूबर 2026: राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और असरदार बनाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन इस समय बड़े एक्शन मोड में नजर आ रहा है। आम जनता और उपभोक्ताओं तक बेहतर क्वालिटी का अनाज पहुंचाने की नीयत से जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के आदेश पर नगर निगम देहरादून के सभी 100 वार्डों में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों की सघन चेकिंग शुरू हो चुकी है। पहले 100 शब्दों के इस सार में समझें तो हर एक उचित दर दुकान पर पैनी नजर रखने और किसी भी प्रकार की धांधली या मिलावटखोरी को जड़ से खत्म करने के लिए बकायदा सेक्टर अधिकारियों की एक बड़ी फौज को धरातल पर तैनात कर दिया गया है।

हो रही है यह बड़ी कार्रवाई

देहरादून के शहरी इलाकों में सरकारी राशन (क्या) के वितरण को पूरी तरह भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का यह औचक निरीक्षण अभियान शुरू किया गया है। अक्सर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राशन की दुकानों पर खराब क्वालिटी का अनाज मिलने या तौल में हेराफेरी जैसी दिक्कतें आती रहती हैं। इसी जनता से जुड़ी बुनियादी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए (क्यों) जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने यह बेहद सख्त प्रशासनिक कदम उठाया है।
यह महा-चेकिंग अभियान देहरादून नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी 100 वार्डों की सीमा में (कहाँ) एक साथ लाइव किया गया है। 14 अक्टूबर 2026 (कब) को इस बड़े फैसले पर मुहर लगते ही अधिकारियों की विशेष टीमें ग्राउंड पर सक्रिय हो गईं। राशन वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए (कैसे) प्रत्येक सेक्टर अधिकारी के साथ एक क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी या पूर्ति निरीक्षक को अटैच किया गया है ताकि मौके पर तकनीकी व प्रशासनिक जांच एक साथ हो सके।

राशन की दुकानों पर अब नहीं चलेगी मनमानी, व्यवस्था में सुधार के सख्त निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी तैनात किए गए सेक्टर अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी है कि वे अपने अलॉटेड वार्डों के तहत आने वाली हर एक राशन दुकान का भौतिक रूप से निरीक्षण करें। अधिकारी खुद दुकानों के भीतर जाकर अनाज की बोरियों को चेक करेंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आम जनता को खिलाया जाने वाला खाद्यान्न अच्छी क्वालिटी का है या नहीं।
इसके साथ ही दुकानों के भीतर और आसपास साफ-सफाई की क्या स्थिति है, इसका भी बारीकी से मुआयना किया जा रहा है। सरकार की मंशा उपभोक्ताओं को परेशान किए बिना उनके हक का पूरा राशन समय पर उपलब्ध कराना है। नियमों का पालन न करने वाले और घटिया अनाज बेचने वाले राशन डीलरों के खिलाफ इस बार बेहद सख्त रुख अपनाने की तैयारी कर ली गई है।

सात दिनों के भीतर देनी होगी रिपोर्ट, लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने इस चेकिंग अभियान में लगे सभी संबंधित अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों को केवल एक सप्ताह (7 दिन) की कड़ी समयसीमा दी है। एक हफ्ते के भीतर सभी टीमों को अपनी डिटेल्ड इंस्पेक्शन रिपोर्ट सीधे जिलाधिकारी कार्यालय में जमा करनी होगी।
इस विस्तृत आख्या के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जिलाधिकारी ने साफ़ कर दिया है कि प्रशासन का मुख्य एजेंडा राशन दुकानों की व्यवस्थाओं को पटरी पर लाना और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए आम नागरिकों को दी जाने वाली सुविधाओं को हाईटेक व पारदर्शी बनाना है। राशन की कालाबाजारी रोकने के इस प्रयास से देहरादून के हजारों परिवारों को सीधे तौर पर बड़ी राहत मिलने वाली है।
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