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ताराकुंड: धामी कैबिनेट के मंत्री का बड़ा ऐलान, चमकेगा पौड़ी का यह शानदार तीर्थक्षेत्र

दिनेश्वर सिंह,पौड़ी थलीसैण,13 अक्टूबर 2026 : ताराकुंड को लेकर उत्तराखंड सरकार ने पौड़ी गढ़वाल में एक नए धार्मिक सर्किट के निर्माण की घोषणा की है. ताराकुंड के पौराणिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए मंगलवार को मंदिर परिसर में एक खुली चर्चा का आयोजन किया गया था. इस विशेष कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री ने ग्रामीणों को भरोसा दिया कि इस पौराणिक स्थल को उत्तराखंड के मुख्य तीर्थाटन सर्किट से जोड़कर बड़े स्तर पर संवारा जाएगा, जिसके लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी.

ताराकुंड के विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों के साथ बैठक करते कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत
ताराकुंड के विकास पर ग्रामीणों से खुली चर्चा करते कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत.

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खुली चर्चा में ग्रामीणों ने रखीं बुनियादी सुविधाएं जुटाने की मांगें

पौड़ी गढ़वाल जनपद का यह खूबसूरत हिस्सा लंबे समय से अपनी उपेक्षा के आंसू रो रहा था. स्थानीय ग्रामीण यहाँ हर साल बड़े उत्साह के साथ पारंपरिक ताराकुंड महोत्सव मनाते हैं, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोग पैदल यात्रा कर मंदिर पहुंचते हैं. मंगलवार को हुई खुली बैठक के दौरान ग्रामीणों ने इस क्षेत्र की राह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए कैबिनेट मंत्री के सामने कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे. ग्रामीणों ने मुख्य रूप से इन सुविधाओं की मांग की.
• पैदल रास्तों को अपग्रेड कर मजबूत सड़क संपर्क सुचारू बनाना.
• परिसर में मौजूद पौराणिक झील का सौंदर्यीकरण करना.
• दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विश्राम गृह (Home Stay) का निर्माण.
• साधकों के लिए एक आधुनिक ध्यान केंद्र और पेयजल सुविधाएं विकसित करना.

6 प्रसिद्ध मंदिरों को मिलाकर बनेगा नया धार्मिक पर्यटन सर्किट

ग्रामीणों की इन जायज मांगों पर तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए क्षेत्रीय विधायक और कैबिनेट मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा ने एक बड़ा नीतिगत फैसला साझा किया. उन्होंने कहा कि ताराकुंड के पूरे परिक्षेत्र को रफ्तार देने के लिए इसे अकेले नहीं, बल्कि पौड़ी और आसपास के 6 अन्य प्रसिद्ध सिद्धपीठों के साथ जोड़कर एक बड़ा ‘धार्मिक पर्यटन सर्किट’ बनाया जा रहा है.
कैबिनेट मंत्री के अनुसार, इस नए सर्किट में ताराकुंड के साथ बुंखाल मंदिर, पैठाणी स्थित ऐतिहासिक राहु मंदिर, भैरवनाथ मंदिर, देवलगढ़ का प्रसिद्ध राजराजेश्वरी देवी मंदिर, कमलेश्वर महादेव और माँ धारी देवी मंदिर को एक साथ जोड़ा जाएगा. इस कदम से इस पूरे रूट पर बुनियादी सुविधाओं का विकास काफी तेजी से होगा और पर्यटकों के लिए एक नया रूट तैयार हो जाएगा.

पर्यटन और रोजगार पर असर

इस  घोषणा से पौड़ी जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों में पर्यटन गतिविधियों में भारी उछाल आने की उम्मीद है. जब इस धार्मिक रूट पर सड़कों और ठहरने की व्यवस्थाओं में सुधार होगा, तो देश-विदेश के श्रद्धालु यहाँ आसानी से पहुंच सकेंगे. ताराकुंड परियोजना के धरातल पर उतरने से स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, होमस्टे संचालन और स्थानीय उत्पादों की बिक्री के जरिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे पहाड़ों से हो रहे पलायन पर भी काफी हद तक रोक लगेगी.

स्थानीय संस्कृति को मिलेगी नई पहचान

ताराकुंड को लेकर सरकार की यह पहल उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान देगी. यह ऐतिहासिक फैसला न केवल श्रद्धालुओं के सफर को आसान बनाएगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन उद्योग के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा.

उत्तराखंड में पर्यटन और धार्मिक गतिविधियों को समझने के लिए यहाँ भी विजिट करें : /uttarakhandtourism.gov.in/photo-gallery

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