सतेंद्र सिंह रावत, देहरादून 13 अक्टूबर 2026 : उत्तराखंड मौसम विभाग ने पहाड़ी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का एक नया बुलेटिन जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में पिछले दो दिनों से हो रही ओलावृष्टि और तेज हवाओं के थमने के बाद सोमवार से बारिश की गतिविधियों में गिरावट आई थी. हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 15 और 16 अक्टूबर को प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों के साथ-साथ मैदानी इलाकों में भी बारिश का एक नया दौर दोबारा लौट सकता है.
मौसम की डिटेल जानकारी यहाँ पढ़ सकते हैं : mausam.imd.gov.in/dehradun/
उत्तराखंड मौसम: आने वाले दिनों का आधिकारिक पूर्वानुमान
उत्तराखंड मौसम विभाग के निदेशक सीएस तोमर ने ताजा विश्लेषण के मुताबिक जो जानकारी दे है, उसके तहत राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव लगातार बना रहेगा. अलग-अलग तारीखों के लिए तय किया गया वेदर चार्ट नीचे दिया गया है.
13-14 अक्टूबर: इस दौरान राज्य के केवल पर्वतीय जिलों में बहुत हल्की से हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अवधि में विशेष रूप से प्रदेश के सुदूर उत्तर में स्थित सीमांत जिले जैसे उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ मौसम के इस बदलाव से सबसे ज्यादा प्रभावित रहेंगे.
15-16 अक्टूबर: इन दो दिनों में प्रदेश भर में मौसम एक बार फिर करवट लेगा. राज्य में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश का सिलसिला दोबारा शुरू होगा. राहत की बात यह है कि इस दौर में सिर्फ पहाड़ों पर ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड के मैदानी जिलों में भी झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है.
विभाग ने स्पष्ट किया है कि 16 अक्टूबर को कुमाऊं मंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों में बारिश का असर बहुत ज्यादा रहेगा, जबकि गढ़वाल मंडल के जिलों में कहीं-कहीं छिटपुट वर्षा होने का अनुमान है.
ऊंचे पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी की ताजा चेतावनी
बारिश के साथ-साथ उत्तराखंड मौसम केंद्र ने पहाड़ों पर कड़ाके की ठंड की शुरुआत का भी संकेत दे दिया है. ऊंची चोटियों पर रहने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए बर्फबारी का दोहरा अलर्ट जारी किया गया है.
अगले दो दिनों (13 और 14 अक्टूबर) के दौरान राज्य के 3800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी दुर्गम इलाकों में बर्फ की सफेद चादर बिछने की पूरी संभावना है. इसके ठीक बाद, 15 और 16 अक्टूबर को जब बारिश का दौर तेज होगा, तब बर्फबारी का दायरा नीचे खिसककर 3500 मीटर तक के पर्वतीय क्षेत्रों में पहुंच जाएगा. इस वजह से ऊंचे इलाकों में तापमान तेजी से नीचे गिरेगा और सुबह-शाम ठिठुरन काफी बढ़ जाएगी.
6 अक्टूबर के बाद बदलेगी स्थिति
मौसम का यह उथल-पुथल वाला दौर ज्यादा लंबा नहीं खिंचेगा. उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 16 अक्टूबर की रात बीतने के बाद से पूरे प्रदेश में मौसमी गतिविधियों में भारी कमी दर्ज की जाएगी. 17 अक्टूबर से अधिकांश मैदानी और निचले इलाकों में धूप खिलेगी और मौसम बिल्कुल साफ हो जाएगा. इसके बाद केवल उत्तर दिशा में मौजूद तीन प्रमुख जिलों—उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ के बिल्कुल ऊपरी हिस्सों में ही बहुत हल्की बूंदाबांदी बची रहेगी, जबकि बाकी पूरा राज्य शुष्क रहेगा.
कुल मिलाकर कहें तो, उत्तराखंड मौसम में अगले 4 दिनों का समय पर्यटकों और स्थानीय निवासियों के लिए बेहद सतर्क रहने का है. 15-16 अक्टूबर को होने वाली बारिश और पहाड़ी इलाकों में 3500 मीटर तक गिरने वाली बर्फ के कारण पर्वतीय यात्राओं के दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. ठंड की इस शुरुआती दस्तक को देखते हुए चारधाम यात्रियों को भी अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े रखने की सलाह दी गई है.