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लोकतंत्र का महापर्व: देहरादून में वोटिंग बढ़ाने के लिए अनोखा अभियान शुरू

सतेंद्र सिंह रावत, देहरादून, 14 अक्टूबर 2026: लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव में हर एक नागरिक की भागीदारी बढ़ाने के लिए उत्तराखंड के देहरादून जिले में एक व्यापक मतदाता जागरूकता अभियान का आगाज हो चुका है। जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान के आदेश पर पूरे जनपद में ‘स्वीप’ (सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता) कार्यक्रम के तहत बड़े पैमाने पर गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव में वोटिंग प्रतिशत को रिकॉर्ड स्तर पर ले जाना और जनता को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करना है। पहले 100 शब्दों के इस सार में समझें तो प्रशासन का सीधा फोकस उन बूथों पर है, जहाँ पिछले चुनावों में लोगों ने मतदान में कम रुचि दिखाई थी।

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देहरादून जिले में चल रहा यह महा-अभियान सीधे तौर पर आगामी विधानसभा चुनावों में आम जनता को जोड़ने के लिए है। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने यह कदम इसलिए उठाया है, क्योंकि पिछले चुनावों में कई मतदेय स्थलों (बूथों) पर मतदान का प्रतिशत 50% से भी कम रहा था। इस बार प्रशासन ने इन सभी कमजोर बूथों पर 75% से ज्यादा मतदान कराने का एक बड़ा और सकारात्मक लक्ष्य तय किया है।
यह पूरी गतिविधि देहरादून जनपद के अंतर्गत आने वाले विभिन्न शिक्षण संस्थानों, विकासखंडों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों (कहाँ) में एक साथ संचालित की जा रही है। 14 अक्टूबर 2026 (कब) को जारी आधिकारिक निर्देशों के बाद इसे धरातल पर उतारा गया है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए (कैसे) शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, उद्योग, खेल, परिवहन और नगर निगम जैसे सभी सरकारी विभागों को सामूहिक जिम्मेदारी सौंपी गई है।

लोकतंत्र की मजबूती के लिए मसूरी के स्कूल में अनूठा प्रयोग

इस अभियान के तहत देहरादून के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बेहद दिलचस्प तरीके से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मसूरी के सनातन धर्म इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं के बीच एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ बच्चों को सिर्फ किताबी बातें नहीं सिखाई गईं, बल्कि स्कूल के भीतर ही लोकतांत्रिक प्रणाली से छात्र परिषद के लाइव चुनाव कराए गए।
इस व्यावहारिक अनुभव के जरिए छात्र-छात्राओं ने खुद वोट डालकर पूरी चुनाव प्रक्रिया को बारीकी से समझा। शिक्षा विभाग के सहयोग से हुए इस प्रयोग का मकसद यह है कि ये बच्चे अपने घरों में जाकर माता-पिता और अभिभावकों को लोकतंत्र के असली महत्व को समझा सकें और उन्हें पोलिंग बूथ तक आने के लिए प्रेरित करें।

ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल और विभागों को कड़े निर्देश

दूसरी तरफ, जिले के ग्रामीण इलाकों जैसे ‘जोड़ी गांव’ में भी जागरूकता टीमों ने डेरा डाल दिया है। गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों को समझाया जा रहा है कि एक-एक वोट से देश का भविष्य बदलता है। ग्रामीणों ने भी इस बार बढ़-चढ़कर अनिवार्य रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का संकल्प लिया है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने पंचायती राज, विद्युत, दूरसंचार, वाणिज्य कर, एमडीडीए और श्रम विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि वे अपने-अपने स्तर पर जन-जागरूकता गतिविधियों में कोई ढिलाई न बरतें। कम मतदान वाले क्षेत्रों में हर एक घर तक पहुंच बनाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि आने वाले चुनावों में देहरादून का हर नागरिक गर्व से कह सके कि उसने लोकतंत्र को मजबूत बनाने में अपना फर्ज निभाया है।
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