दो विभाग एक जैसी कार्य योजना न बनाएं, मॉनीटरिंग कमेटी बनाएं डीएम : मदन कौशिक
मीडिया लाइव, देहरादून: अकसर देखा गया है कि राजनीतिक और प्रशासिनिक सिफारिशों के चलते में कुछ गाँवों में गैर जरूरी बजट खर्च कर दिया जाता है। इससे गाँवों में भ्र्ष्टाचार के साथ ही व्यावहारिक माहौल भी खराब होता है। वहीं बड़ी आबादी वाले दूर दराज के गाँव विकास की बाट जोहते रहते हैं। एक ही ग्राम सभा में बेतरतीब बजट एक जैसी योजना पर खर्च कर दिया जाता है। इसकी कोई मॉनटरिंग भी नहीं हो पाती है। ऐसे में इस पर सवाल उठाते हैं और विकास की गति पर दुष्प्रभाव पड़ता है। ऐसे में प्रदेश में धन की बर्बादी होती है। इन तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के पंचायतीराज विभाग के नए मंत्री मदन कौशिक ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक कर ग्राम पंचायतों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों को नए सिरे से दिशा-निर्देश दिये।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि ग्राम पंचायतों के विकास की दृष्टि से प्रदेश को एक आदर्श राज्य के रुप में स्थापित किया जाय। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतें सभी मूलभत सुविधाओं जैसे- पेयजल, दूरसंचार, सड़क, विद्युत, नाली आदि से आच्छादित हो सके इस हेतु विशेष कार्ययोजना तैयार कर ली जाय ताकि उसे कैबिनेट में प्रस्तुत किया जा सके। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना में यह शामिल हो कि प्रदेश के जनपदों में जिलाधिकारी अथवा मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मॉनिटरिंग समिति का गठन किया जाय और यह समिति सभी विभागों द्वारा ग्राम पंचायतों में किये जा रहे विकास कार्याें की मॉनिटरिंग कर यह सुनिश्चित करें कि किसी ग्राम पंचायत में जो विकास कार्य किसी एक विभाग द्वारा कर लिया गया है पुनः उसी कार्य हेतु किसी अन्य विभाग द्वारा कार्ययोजना न बनायी जाय अपितु किसी दूसरी आवश्यकता वाले कार्य की योजना बनायी जाय। ऐसा करने से सरकारी धन का सदुपयोग होगा तथा ग्राम पंचायतों में सभी प्रकार के विकास कार्य सुनिश्चित हो सकेगें।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भारत सरकार की केन्द्र पोषित योजना राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अन्तर्गत अधिक से अधिक धनराशि की मांग की जाय ताकि ग्राम पंचायतों को सभी आवश्यक सुविधाओं से परिपूर्ण किया जा सके। वहीं मंत्री ने कहा कि चूंकि प्रदेश में स्थित ऐसी 382 ग्राम पंचायतें जहां ग्राम पंचायत भवन निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध हो चुकी है उनके निर्माण हेतु राज्य सेक्टर के अनुपूरक बजट मे आवश्यकतानुसार धनराशि की मांग का प्रस्ताव तैयार किया जाय।
बैठक में पंचायतीराज विभाग से सचिव पराग मधुकर धकाते, निदेशक निधि यादव, संयुक्त निदेशक हिमाली जोशी पेटवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
अगर ऐसा होता है तो मदन कौशिक जैसे वरिष्ठ मंत्री और अनुभवी नेता के इस निर्णय से उत्तराखंड के गाँवों में विकास कार्यों को लेकर जो बजट की कमी होती है उसमें सुधार आएगा और बजट वितरण में हो रही असमान वितरण व्यवस्था पर लगाम लगेगी और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों को विकास के लिए सामान मौके मुहैया कराने में सरकार सफल हो सकती है।