
MLC Election Result 2026: 4 राज्यों की 28 सीटों पर बैलट पेपर चुनाव के नतीजे, वाराणसी और नागपुर में बड़ा उलटफेर
मीडिया रिपोर्ट्स 30 अक्टूबर 2026 : Mlc election result 2026 के तहत देश के 4 बड़े राज्यों में हुए एमएलसी चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। इस चुनाव की सबसे बड़ी बात यह रही कि यह चुनाव ईवीएम (EVM) से नहीं बल्कि बैलट पेपर से कराया गया था। 23 अक्टूबर को स्नातक और शिक्षक एमएलसी की 28 सीटों पर वोट डाले गए थे, जिसकी गिनती 27 अक्टूबर से शुरू हुई।
शुरुआत में जब कांग्रेस का खाता खुलता हुआ नहीं दिख रहा था, तब बीजेपी ने सोशल मीडिया पर जमकर जश्न मनाया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बकायदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था- “A big fat ZERO!” लेकिन अगली ही सुबह दो बड़े नतीजों ने पूरा खेल पलट दिया और बीजेपी को अपनी पोस्ट तक डिलीट करनी पड़ गई।
MLC Election Result 2026: क्या रहा सीटों का फाइनल स्कोर
28 सीटों पर हुए इस चुनाव में आंकड़ों के लिहाज से एनडीए (NDA) आगे जरूर रहा, लेकिन विपक्ष ने कई बड़े गढ़ों में जीत हासिल की है। सीटों का पूरा गणित इस प्रकार है:
- कुल सीटें: 28
- एनडीए (NDA) गठबंधन: 16 सीटें (बीजेपी ने अकेले 13 सीटें जीतीं, जेडीयू को 1 और जेडीएस को 1 सीट मिली)
- समाजवादी पार्टी (सपा): 5 सीटें
- एनसीपी – शरद पवार (NCP-SP): 2 सीटें
- कांग्रेस: 1 सीट
- राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी): 1 सीट
- जन सुराज पार्टी: 1 सीट
- निर्दलीय उम्मीदवार: 2 सीटें
वाराणसी में 50 घंटे का ड्रामा और सपा की डबल जीत
इस mlc election result 2026 के दौरान सबसे बड़ा और चौंकाने वाला उलटफेर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में देखने को मिला। वाराणसी की दोनों एमएलसी सीटों पर समाजवादी पार्टी ने बीजेपी को करारी शिकस्त दी है।
- शिक्षक सीट का नतीजा: सपा के लाल बिहारी यादव ने बीजेपी उम्मीदवार को 5,015 वोटों के अंतर से हराया।
- स्नातक सीट का नतीजा: सपा के आशुतोष सिन्हा को 55,046 वोट मिले, जबकि बीजेपी के केदारनाथ सिंह को 33,478 वोट मिले। यहाँ सपा की जीत का अंतर 18,459 रहा।
50 घंटे तक चली गिनती: वाराणसी में मतों की गिनती 50 घंटे से भी ज्यादा समय तक चलती रही। हार की आशंका को देखते हुए बीजेपी उम्मीदवार ने धांधली का आरोप लगाया और दोबारा गिनती की मांग की। बीजेपी कार्यकर्ता धरने पर भी बैठ गए। इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने X पर तंज कसते हुए लिखा, “गंगाजल लेकर अधिकारी की ईमानदारी का टेस्ट कराओ।” आखिरकार दोबारा हुई गिनती में भी बीजेपी हार गई और उनके उम्मीदवार को फेसबुक पर अपनी हार स्वीकार करनी पड़ी।
नागपुर में आरएसएस मुख्यालय के पास फडणवीस को डिलीट करनी पड़ी पोस्ट
दूसरा सबसे बड़ा झटका महाराष्ट्र के नागपुर में लगा, जो कि आरएसएस (RSS) का मुख्यालय है। नागपुर की सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी और बीजेपी के सुधाकर कोहले के बीच सीधी टक्कर थी।
- पहले राउंड में बीजेपी के उम्मीदवार 60,924 वोट लेकर कांग्रेस (56,630 वोट) से आगे चल रहे थे।
- जीत के लिए तय कोटा 75,438 वोटों का था, जिसे कोई भी पहली पसंद में नहीं छू पाया।
- इसके बाद दूसरी पसंद के वोटों की गिनती शुरू हुई, जो करीब 40 घंटे तक चली।
- आखिरी नतीजों में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी को 67,231 वोट मिले और उन्होंने बीजेपी के सुधाकर कोहले (63,960 वोट) को 3,271 वोटों से हरा दिया।
इसी सीट का नतीजा आने के बाद देवेंद्र फडणवीस को अपना “ZERO” वाला सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट करना पड़ा। इसके बाद कांग्रेस ने उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा कि “जश्न बहुत जल्दबाजी में मनाया गया था।” वहीं कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तंज कसा कि “कांग्रेस की सीटें गिनने से पहले काशी का रिजल्ट देख लीजिए।”
किस राज्य में किस पार्टी को कितनी सीटें मिलीं?
इस mlc election result 2026 के तहत चारों राज्यों की स्थिति को आप नीचे दिए गए विवरण से आसानी से समझ सकते हैं:
उत्तर प्रदेश (कुल 11 सीटें)
- उत्तर प्रदेश में बीजेपी को 6 और सपा को 5 सीटें मिली हैं।
- सपा ने इस बार अपनी सीटों की संख्या 3 से बढ़ाकर 5 कर ली है।
- लखनऊ स्नातक सीट पर भी बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है, जहाँ कांति सिंह ने 51,168 वोट हासिल करके बड़ी जीत दर्ज की।
बिहार (कुल 8 सीटें)
- बिहार में बीजेपी को 3, जेडीयू को 1, आरजेडी को 1, जन सुराज को 1 और निर्दलीयों को 2 सीटें मिली हैं।
- पटना शिक्षक सीट पर बीजेपी का 30 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। यहाँ 30 साल से जीत रहे बीजेपी के नवल किशोर यादव को आरजेडी के संजीव सिंह ने हरा दिया।
- दरभंगा सीट पर प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने अपनी पहली चुनावी जीत दर्ज की है। उनके उम्मीदवार ने कांग्रेस के मदन मोहन झा को 324 वोटों के बेहद करीबी अंतर से हराया।
महाराष्ट्र (कुल 5 सीटें)
- महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी (MVA) को 3 और महायुति को 2 सीटें मिली हैं।
- शरद पवार की पार्टी (NCP-SP) ने यहाँ शानदार प्रदर्शन करते हुए पुणे और संभाजीनगर की सीटों पर कब्जा किया है।
कर्नाटक (कुल 4 सीटें)
- कर्नाटक में इस समय कांग्रेस की सरकार है, लेकिन इस एमएलसी चुनाव में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुल सका।
- यहाँ बीजेपी को 3 और जेडीएस (JDS) को 1 सीट मिली है।
- बेंगलुरु शिक्षक सीट पर बड़ा उलटफेर हुआ। कांग्रेस के पुट्टन्ना (जो 2002 से 5 बार चुनाव जीत चुके थे) इस बार जेडीएस के एपी रंगनाथ से 908 वोटों से चुनाव हार गए।
इस चुनाव के नतीजों का क्या है असली मतलब
भले ही एमएलसी चुनाव से सीधे तौर पर सरकारें नहीं बदलतीं, लेकिन यह चुनाव देश और प्रदेश के राजनीतिक मूड को जरूर बयां करता है। चूंकि इसमें सिर्फ शिक्षक और ग्रेजुएट (स्नातक) वोटर ही मतदान करते हैं, इसलिए इन्हें जागरूक मतदाताओं का रुख माना जाता है।
इस mlc election result 2026 के बाद बैलट पेपर बनाम ईवीएम (EVM) की बहस को एक बार फिर हवा मिल गई है। जहाँ बीजेपी का कहना है कि बैलट पेपर से चुनाव होने के बावजूद वे 28 में से 16 सीटें जीतकर सबसे आगे रहे हैं, वहीं विपक्ष का तर्क है कि बीजेपी अपने सबसे मजबूत गढ़ों (वाराणसी और नानपुर) में चुनाव हार गई है। साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक 4 महीने पहले वाराणसी में मिली यह डबल जीत समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए बहुत बड़ा मनोबल बढ़ाने वाली साबित होगी।
उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के निर्वाचन आयोगों की आधिकारिक घोषणाओं और नियमों को देखने के लिए आप भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।