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गाय-भैंसों में लंपी स्किन डिजीज जैसे लक्षण, पशुपालन विभाग अलर्ट

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मीडिया लाइव, 28 अगस्त : जनपद पौड़ी गढ़वाल में गाय-भैंसों में जैसे पशुओं में लंपी स्किन डिजीज से मिलते-जुलते लक्षण पाए गए हैं। इसकी जानकारी मिलते ही पशुपालन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल निगरानी शुरु कर दी है। विभाग इसकी रोकथाम के लिए जरूरी एहतियाती कदम उठा रहा है। रोग की पुष्टि के लिए संदिग्ध पशुओं से कुल 21 रक्त नमूने जमा कर जांच के लिए आईवीआरआई, बरेली भेज दिए गए हैं।

जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के निर्देशन में रोग से बचाव के लिए जनपद में टीकाकरण अभियान लगातार जारी है। अब तक 69,916 गोवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त निदेशालय के केंद्रीय स्टोर से 26,000 वैक्सीन डोज प्राप्त हो चुकी हैं, जिन्हें जनपद के संबंधित पशु चिकित्सालयों एवं पशु सेवा केंद्रों में वितरित किया जा रहा है। पशु चिकित्सालयों एवं पशु सेवा केंद्रों पर पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पशुपालकों को समय पर उपचार की सुविधा उपलब्ध हो सके।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ विशाल शर्मा ने बताया कि लंपी स्किन डिजीज में सामान्यतः पशुओं में तेज बुखार, सुस्ती, त्वचा पर गांठें अथवा चकत्ते, भूख कम लगना, लंगड़ापन, लसीका ग्रंथियों में सूजन तथा गले के आसपास सूजन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

रोग के संभावित प्रसार को रोकने के दृष्टिगत अन्य जिलों एवं राज्यों से जनपद में आने वाले गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं के आवागमन पर एहतियातन प्रतिबंध लगाया गया है। पशुपालकों से अपील की गयी है कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कुछ समय तक नए पशु खरीदने से बचें तथा संदिग्ध अथवा बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखें। साथ ही पशुओं को बाहरी पशुओं के संपर्क में आने से बचाएं।

जिन गोवंशीय पशुओं का अभी तक टीकाकरण नहीं हुआ है, उनके टीकाकरण के लिए निकटतम पशु चिकित्सालय अथवा पशु सेवा केंद्र से संपर्क करें। विभाग द्वारा आवश्यक वैक्सीन एवं दवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। पशुओं में बीमारी के कोई भी संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर इसकी सूचना तत्काल संबंधित पशु चिकित्सालय अथवा पशुपालन विभाग को देने की अपील की गयी है, ताकि समय पर आवश्यक जांच एवं कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।