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हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) – पूरी जानकारी

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मीडिया लाइव, देहरादून : क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी हजारों फोटो, वीडियो और जरूरी फाइलें कंप्यूटर बंद करने के बाद भी सुरक्षित (सेव) कैसे रहती हैं?इसका जवाब है – हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD)। यह कंप्यूटर के घर का वह गोदाम है, जहाँ आपका सारा डिजिटल सामान सालों-साल सुरक्षित रहता है। आज कंप्यूटर हार्डवेयर के विशेषज्ञ धीरेंद्र भट्ट उसी HDD के बारे में हर जरूरी बात को बहुत ही सरल भाषा में इस आर्टिकल में समझा रहे हैं, ताकि एक आम इंसान यह आसानी से समझ सके।

हार्ड डिस्क ड्राइव (HDD) – पूरी जानकारी

हार्ड डिस्क ड्राइव कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बिना कंप्यूटर अधूरा है। यह आपके सारे डाटा को सुरक्षित रखने का काम करती है। हमारे देश में इसे आम बोलचाल में डाटा और डेटा दोनों कहा जाता है, दोनों का मतलब एक ही है।पहले के समय में यह आकार में बहुत बड़ी होती थी, लेकिन अब तकनीक इतनी आगे बढ़ गई है कि इसका आकार छोटा हो गया है और यह कम जगह में पहले से ज्यादा डाटा रख सकती है।

हार्ड डिस्क ड्राइव काम कैसे करती है?

यह एक स्थायी मेमोरी (Non-Volatile) है, यानी कंप्यूटर बंद करने के बाद भी आपका डाटा इसमें सुरक्षित रहता है।इसके अंदर गोल घूमने वाली धातु की प्लेटें होती हैं, जिन्हें प्लैटर (Platter) कहा जाता है। डाटा को लिखने और पढ़ने के लिए एक छोटा सा हेड (Head) होता है। यह डिस्क बहुत तेजी से घूमती है – लगभग 7200 RPM, मतलब एक मिनट में 7200 बार। इसी तेजी से घूमने के कारण हेड में चुंबकीय शक्ति (Magnetic Field) बनती है, जो डाटा को लिखती और पढ़ती है।

आसान भाषा में समझें तो – अगर कंप्यूटर आपका घर है, तो हार्ड डिस्क उस घर का भंडार-गृह (Store Room) है, जहाँ आप अपना सारा जरूरी सामान सुरक्षित रखते हैं।

इसके प्रकार और क्षमता : यह मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:

1:- IDE – यह पुराने कंप्यूटरों में लगती थी।

2:- SATA – यह आजकल के सभी डेस्कटॉप और लैपटॉप में लगती है। लैपटॉप वाली हार्ड डिस्क आकार में थोड़ी छोटी और उसकी गति थोड़ी कम होती है।

इसमें डाटा को MB (मेगाबाइट), GB (गीगाबाइट) और TB (टेराबाइट) में मापा जाता है।

HDD और SSD में क्या फर्क है ?

आजकल HDD से भी तेज एक नई ड्राइव आ गई है, जिसका नाम है SSD (S.S.D Drive)। यह फ्लैश मेमोरी पर काम करती है और बहुत तेज होती है। लेकिन अगर आपको डाटा को लंबे समय तक, कम खर्च में और ज्यादा मात्रा में सुरक्षित रखना है, और खराब होने पर भी डाटा वापस (Data Recovery) लाना है, तो आज भी HDD से बेहतर कोई विकल्प नहीं है।

पाठक के लिए जरूरी सावधानियां:

कंप्यूटर चलते समय हिलाएं-डुलाएं नहीं, इससे अंदर का हेड प्लैटर से टकरा कर खराब हो सकता है।हमेशा जरूरी डाटा का एक बैकअप दूसरी जगह भी रखें।हार्ड डिस्क को गर्मी और धूल से बचाकर रखें।

लेखक धीरेन्द्र भट्ट - 17 साल के कंप्यूटर हार्डवेयर एक्सपर्ट - MediaLive
लेखक: धीरेन्द्र भट्ट – 17+ वर्षों के अनुभवी कंप्यूटर हार्डवेयर विशेषज्ञ | MediaLive