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डीएम सख्त: देहरादून में अतिक्रमण पर नोटिस, यूके-जीएएमएस पर मैपिंग

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मीडिया लाइव, देहरादून: देहरादून में सरकारी परिसंपत्ति अतिक्रमण को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में सभी विभागों की समीक्षा बैठक में उच्च न्यायालय और शासन के आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी विभागों को अपनी संपत्तियों की सैटेलाइट पॉलीगॉन मैपिंग कर उत्तराखंड सरकारी परिसंपत्ति प्रणाली (UK-GAMS) पोर्टल पर अपलोड करने और पोर्टल पर दिख रहे अतिक्रमण को तुरंत हटाने को कहा है।

सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने और उनकी सटीक सीमा तय करने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। यह कदम माननीय उच्च न्यायालय के आदेश पर हो रहा है। अतिक्रमण के कारण न केवल सरकारी संसाधनों का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन और जन-जीवन पर भी असर पड़ता है। नालों, जल स्रोतों और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा होने से बाढ़ और जल संकट जैसी समस्याएं बढ़ती हैं।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने काम शुरू न करने वाले 12 विभागों – विजिलेंस, उच्च शिक्षा निदेशालय, शहरी विकास निदेशालय, सूचना प्रौद्योगिकी एजेंसी, राज्य संपदा विभाग, यूकॉस्ट सहित अन्य को तत्काल ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन विभागों की 100 से अधिक परिसंपत्तियों की मैपिंग बाकी है, उन्हें चेतावनी नोटिस जारी होगा।

अभी तक की प्रगति क्या है? (Progress Report)
बैठक में बताया गया कि जिले के 16 विभागों ने पॉलीगॉन मैपिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया है, जबकि 41 विभागों में काम प्रगति पर है। शेष विभागों को युद्धस्तर पर कार्य पूरा करने के आदेश दिए गए हैं।

जवाबदेही तय होगी (Action)
जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन प्राथमिक स्तर पर होना चाहिए। प्रगति न मिलने पर संबंधित विभागीय अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशा) , एमडीडीए के संयुक्त सचिव, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, लोनिवि के अधिशासी अभियंता, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता, जिला क्रीडा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी , डीपीओ, जिला प्रावेशन अधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।