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उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग डिजिटल क्लासरूम योजना: 15 छात्रावासों में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं, बदल जाएगी पढ़ाई

सतेंद्र सिंह, देहरादून, 1 नवंबर 2026 :उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग डिजिटल क्लासरूम योजना के तहत राज्य के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों के लिए एक बेहतरीन पहल की शुरुआत की गई है। राज्य सरकार अब सरकारी हॉस्टलों को सिर्फ रहने की जगह न बनाकर, उन्हें हाईटेक पढ़ाई का केंद्र बनाने जा रही है। समाज कल्याण विभाग द्वारा तैयार की गई इस खास रणनीति से विद्यार्थियों को घर से दूर रहकर भी बड़े शहरों जैसी आधुनिक शिक्षा और कोचिंग का माहौल मिल सकेगा।

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उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग डिजिटल क्लासरूम योजना क्या है?

समाज कल्याण विभाग का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति और जनजातीय हॉस्टलों में रहने वाले बच्चों को डिजिटल युग से जोड़ना है। इसके पहले चरण में राज्य के 15 चयनित छात्रावासों को पूरी तरह से अपग्रेड किया जाएगा।
हॉस्टलों में छात्रों को ये आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी:
  • स्मार्ट गैजेट्स: छात्रों की पढ़ाई के लिए बड़ी एलईडी (LED) स्क्रीन और लैपटॉप दिए जाएंगे।
  • हाईस्पीड इंटरनेट: बिना किसी रुकावट के ऑनलाइन क्लास लेने के लिए तेज इंटरनेट और वाई-फाई की सुविधा होगी।
  • आधुनिक लाइब्रेरी: सिलेबस की किताबों के साथ-साथ कंपटीशन एग्जाम के लिए जरूरी किताबें रखी जाएंगी।
  • शांत रीडिंग रूम: बच्चों को बिना किसी शोर-शराबे के ध्यान लगाकर पढ़ने के लिए अलग से कमरे बनाए जाएंगे।

इन बड़ी परीक्षाओं की तैयारी होगी आसान

उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग डिजिटल क्लासरूम योजना का सबसे बड़ा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं। अब छात्रों को किताबों और कोचिंग के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
  • संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी के लिए डिजिटल कंटेंट।
  • राज्य लोक सेवा आयोग (UKPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के लिए जरूरी नोट्स।
  • बैंकिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन टेस्ट सीरीज की सुविधा।

समाज कल्याण सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने क्या कहा

इस योजना की जानकारी देते हुए समाज कल्याण विभाग के सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने बताया कि पहाड़ों और दूरदराज के इलाकों में इंटरनेट और अच्छे स्टडी मटेरियल की कमी एक बड़ी चुनौती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने इस योजना से जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण नियम भी साझा किए:
  • आसपास के युवाओं को भी मौका: हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के अलावा, पड़ोस या आसपास के इलाकों में रहने वाले अन्य गरीब युवा भी इस डिजिटल लाइब्रेरी और रीडिंग रूम का इस्तेमाल कर सकेंगे।
  • वर्तमान स्थिति: वर्तमान में पूरे प्रदेश में 15 अनुसूचित जाति और 5 जनजातीय छात्रावास चल रहे हैं, जिन्हें धीरे-धीरे इस योजना से जोड़ा जाएगा।

इस योजना की अधिक जानकारी और आधिकारिक घोषणाओं के लिए उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग (Social Welfare Department) की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।

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