
dehradun me mahila aayog ki jansunwai aur helpline: अध्यक्ष विजया रहाटकर ने सुनीं शिकायतें
सतेंद्र सिंह,देहरादून, 31 अक्टूबर 2026 : dehradun me mahila aayog ki jansunwai aur helpline की शुरुआत हो चुकी है। उत्तराखंड के देहरादून जिले में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और उनके उत्पीड़न से जुड़े मामलों के तुरंत निपटारे के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस लाइन सभागार में ‘राष्ट्रीय महिला आयोग, आपके द्वार’ अभियान के तहत एक विशेष महिला जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय महिला आयोग की माननीय अध्यक्ष श्रीमती विजया रहाटकर की अध्यक्षता में आयोजित इस जनसुनवाई में 25 से अधिक मामले सामने आए। इनमें से ज्यादातर मामले घरेलू हिंसा और महिलाओं के उत्पीड़न से जुड़े थे। माननीय अध्यक्ष ने पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और पुलिस के साथ-साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत कड़ी कार्रवाई करते हुए पीड़ितों को न्याय दिलाने के सख्त निर्देश दिए।
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dehradun me mahila aayog ki jansunwai aur helpline के जरिए मिलेगी तुरंत मदद
जनसुनवाई के दौरान राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने साफ शब्दों में कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा और किसी भी तरह का उत्पीड़न कभी भी स्वीकार नहीं किया जा सकता। समाज में हर महिला को सम्मान और बराबरी के साथ जीने का पूरा अधिकार है। आज महिलाएं परिवार से लेकर विज्ञान और प्रशासन तक हर क्षेत्र में अपनी जिम्मेदारियों को बहुत अच्छे से निभा रही हैं। ऐसे में समाज को महिलाओं के प्रति अपनी सोच को सकारात्मक बनाना होगा। महिलाओं को नीचा दिखाना या उनके अधिकारों को छीनना पूरी तरह गलत है। महिला सशक्तिकरण के लिए जरूरी है कि उन्हें सुरक्षित माहौल मिले और उनकी शिकायतों पर तुरंत और संवेदनशीलता से एक्शन लिया जाए।
इन जरूरी सरकारी हेल्पलाइन नंबर्स पर करें कॉल
अध्यक्ष विजया रहाटकर ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई हेल्पलाइन चला रही हैं, लेकिन जानकारी न होने के कारण महिलाएं इनका लाभ नहीं ले पातीं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे किसी भी संकट में चुप न रहें और इन नंबरों पर अपनी आवाज उठाएं:
• 112: आपातकालीन स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता के लिए।
• 181: महिला हेल्पलाइन के माध्यम से मदद पाने के लिए।
• 14490: राष्ट्रीय महिला आयोग की काउंसलिंग हेल्पलाइन (उन महिलाओं के लिए जो खुलकर अपनी बात नहीं कह पातीं, यहाँ उन्हें सही मार्गदर्शन और मानसिक संबल दिया जाता है)।
• 1091: महिला सुरक्षा के लिए विशेष हेल्पलाइन।
• 1098: बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन।
• 1930: ऑनलाइन धोखाधड़ी या साइबर अपराध की शिकायत के लिए।
• 7827170170: राष्ट्रीय महिला आयोग की 24 घंटे चालू रहने वाली (24×7) हेल्पलाइन।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए ये मोबाइल ऐप्स हैं बेहद जरूरी
dehradun me mahila aayog ki jansunwai aur helpline मुहिम के तहत महिलाओं को डिजिटल माध्यम से सुरक्षित बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सरकारी मोबाइल ऐप्स की भी जानकारी दी गई, जो इस प्रकार हैं:
• वन स्टॉप सेंटर ऐप: यह ऐप हिंसा से पीड़ित महिलाओं को एक ही जगह पर सुरक्षा, कानूनी मदद, चिकित्सा और रहने की सुविधा से जुड़ी हर जानकारी देता है।
• 112 इंडिया ऐप: यह ऐप 24 घंटे काम करने वाले इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम से जुड़ा है। मुसीबत के समय इसके जरिए तुरंत पुलिस टीम मौके पर पहुंचती है।
• रक्षा ऐप: महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने इस खास ऐप में सिर्फ एक बटन दबाकर पीड़ित महिला अपनी लाइव लोकेशन तुरंत अपने परिवार वालों और करीबी लोगों तक साझा कर सकती है, जिससे समय रहते मदद मिल सके।
विजया रहाटकर ने अंत में कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों और कानूनों के प्रति खुद जागरूक होना होगा। महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए परिवार, समाज और पुलिस प्रशासन सभी को मिलकर सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी।
कार्यक्रम में कुसुम कंडवाल (अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग), निलेश भरणे (पुलिस महानिरीक्षक – IG),परमेंद्र डोभाल (वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून – SSP), के.के. मिश्रा (अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व – ADM), जया बलूनी (पुलिस अधीक्षक ग्रामीण – SP Rural), बाल कल्याण समिति और वन स्टॉप सेंटर की अधीक्षिकाओं समेत संबंधित विभागों के तमाम अधिकारी मौजूद रहे।