
पशुओं के प्रबंधन को लेकर डीएम सख्त, देहरादून में लापरवाही पर रुकेगा कर्मचारियों का वेतन
पशुओं के प्रबंधन को लेकर डीएम सख्त: अधिकारियों को मिले कड़े निर्देश
देहरादून में पशुओं के प्रबंधन को लेकर डीएम सख्त रुख अपनाए हुए हैं, जिसके तहत उन्होंने नगर निगम और सभी संबंधित स्थानीय निकायों को निर्देश दिया है कि बेसहारा और पालतू जानवरों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सटीक निगरानी के लिए एक समर्पित पोर्टल तैयार किया जाए।
हेल्पलाइन 1962 पर खुद डीएम ने किया फोन, रिस्पॉन्स न मिलने पर भड़के
- डीएम ने खुद लगाया फोन: सच जानने के लिए जिलाधिकारी ने खुद हेल्पलाइन नंबर 1962 पर कॉल मिलाया। वहां से सही जवाब और रिस्पॉन्स न मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
- वेतन रोकने के सख्त निर्देश: डीएम ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को तुरंत आदेश दिया कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए और उनका वेतन (सैलरी) रोक दिया जाए।
- त्वरित इलाज और रेस्क्यू: उन्होंने कहा कि बीमार और घायल जानवरों के इलाज या रेस्क्यू की शिकायतों पर तुरंत एक्शन होना चाहिए और हेल्पलाइन पर आने वाली हर शिकायत का तय समय में निपटारा किया जाए।
शहर के एंट्री-एग्जिट पॉइंट पर लगेंगे कैमरे, गौशालाओं की होगी चेकिंग
- रास्तों पर सीसीटीवी निगरानी: नगर निगम और निकाय क्षेत्रों के मुख्य प्रवेश और निकास द्वारों (एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स) पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
- गौशालाओं के लिए मानक: जिले की सभी गौशालाओं में बेसहारा पशुओं के रहने, चारे-पानी, सफाई और इलाज की व्यवस्था सरकारी मानकों के अनुसार रखने को कहा गया है। अधिकारी वहां जाकर लगातार औचक निरीक्षण करेंगे।
आवारा कुत्तों और बंदरों के आतंक से मिलेगी राहत
- रैपिड रेस्क्यू टीम का गठन: श्वान के काटने की शिकायत पर तुरंत एक्शन लेने के लिए रैपिड रेस्क्यू टीम काम करेगी। संबंधित कुत्तों को नियमों के अनुसार एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर में 10 दिन के लिए आइसोलेशन और निगरानी में रखा जाएगा।
- वन विभाग के साथ मिलकर बंदरों का रेस्क्यू: आबादी वाले इलाकों में बंदरों के आतंक को कम करने के लिए वन विभाग के साथ मिलकर नियमों के तहत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा ताकि आम जनता को राहत मिले।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने साफ कहा कि शहर की सुरक्षा और पशु कल्याण दोनों ही प्रशासन की प्राथमिकता हैं। देहरादून में पशुओं के प्रबंधन को लेकर डीएम सख्त निर्देश जारी कर चुके हैं कि सभी विभाग निर्धारित जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करें, ताकि व्यवस्था को सफल और सुरक्षित बनाया जा सके। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में वरिष्ठ पशुपालन अधिकारी डॉ. वी.के. अग्रवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. डी.के. चंद और डॉ. रोहित गहलोत सहित ऋषिकेश व देहरादून नगर निगम के तमाम अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।