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उम्मीद : घेरबाड़ नीति बनेगी किसानों की ढाल, जनपद में बड़े स्तर पर होगा कार्य

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मीडिया लाइव,चमोली : जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला सभागार में फार्म फेंसिंग पॉलिसी (घेरबाड़ नीति) की जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में सामुदायिक फार्म फेंसिंग के लिए लाभार्थियों के चयन, नीति के प्रभावी क्रियान्वयन तथा अन्य संबंधित बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने बताया कि नई घेरबाड़ नीति के लागू होने से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में घेरबाड़ निर्माण की लागत लगभग 1800 से 2000 रुपये प्रति रनिंग मीटर आती थी, जबकि नई नीति के तहत यह लागत घटकर लगभग 572 रुपये प्रति रनिंग मीटर रह जाएगी। इससे अधिक किसानों को कम लागत में अपनी फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने बताया कि घेरबाड़ का कार्य ग्राम सभाओं, कृषक समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर कराया जाएगा। घेरबाड़ में 75×75 मिमी मेष आकार, 3.15 मिमी मोटाई तथा 1.40 मीटर ऊंचाई वाली गुणवत्ता युक्त जाली का उपयोग किया जाएगा। वर्ष 2026-27 के लिए जनपद में 300 किलोमीटर सामुदायिक घेरबाड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सामुदायिक घेरबाड़ को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से सुरक्षित करना, खेती को लाभकारी बनाना तथा कृषि उत्पादन में वृद्धि सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को पात्र समूहों की पहचान कर योजना का अधिकतम लाभ किसानों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।

बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में चाय उत्पादन को बढ़ावा देने तथा चमोली की चाय की प्रभावी ब्रांडिंग और विपणन के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की पहचान मजबूत कर किसानों की आय बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, मुख्य कृषि अधिकारी जय प्रकाश तिवारी, मुख्य उद्यान अधिकारी नितेंद्र सिंह सहित पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।