
वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता रजत पदक विजेता, देवभूमि के 2 धमाकेदार युवा
अमित सिंह, देहरादून, 2 अक्टूबर 2026 : देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की प्रतिभा ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी चमक बिखेरी है। चीन के शंघाई में आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता रजत पदक जीतकर उत्तराखंड के दो होनहार युवाओं सानिया जोशी और पार्थ वोहरा ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। सानिया ने रिटेल सेल्स, जबकि पार्थ ने इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में यह सफलता अपने नाम की है। राज्य के लिए यह एक बेहद गौरवपूर्ण क्षण है जिसने वैश्विक पटल पर उत्तराखंड के कौशल विकास को प्रमाणित किया है।
विश्व स्तर पर भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
चीन के शंघाई शहर में 22 से 27 सितंबर तक आयोजित इस वैश्विक प्रतियोगिता में दुनियाभर से करीब 1400 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। कुल 64 कौशल विधाओं में कड़े मुकाबले आयोजित किए गए थे। भारत ने इस पूरी प्रतियोगिता में छह रजत पदक और 20 मेडलियन्स फॉर एक्सीलेंस हासिल किए हैं।
इस शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने विश्व स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त किया है। वर्ल्डस्किल्स के इतिहास में यह भारत का अब तक का सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। इस ऐतिहासिक सफलता में उत्तराखंड के युवाओं द्वारा जीता गया वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता रजत पदक सबसे प्रमुख योगदानों में से एक रहा।
इंडियास्किल्स से शंघाई तक का सफर
सानिया और पार्थ की यह अद्भुत उपलब्धि एक लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा का परिणाम है। दोनों प्रतिभाओं ने इंडियास्किल्स की राज्य, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपने कौशल का लोहा मनवाया। इसके बाद ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक का सफर तय करने का मौका मिला। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उन्हें अगले कठिन चरणों के लिए चयनित किया गया था।
इस पूरी यात्रा में उत्तराखंड के कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा उत्तराखंड कौशल विकास समिति (यूकेएसडीएस) ने दोनों युवाओं की भरपूर मदद की। विभाग ने उनके विशेष प्रशिक्षण, बूट कैंप, यात्रा, ठहरने और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में लगातार सहयोग दिया। इसी वजह से वे बिना किसी मानसिक तनाव के वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता रजत पदक जीतने में कामयाब रहे।
सानिया जोशी ने रिटेल सेल्स में दिखाया हुनर
उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ की रहने वाली 21 वर्षीय सानिया जोशी ने एनआईएफटी (NIFT) पंचकूला से फैशन टेक्नोलॉजी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिटेल सेल्स की तैयारी के लिए उन्हें मुंबई स्थित एलटीए स्कूल ऑफ ब्यूटी में विशेष प्रशिक्षण और कठिन बूट कैंप की सुविधा दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान सानिया ने दृश्य प्रस्तुतीकरण, ग्राहक संवाद, व्यवसाय प्रबंधन, पोस्टर डिजाइन, सीधे प्रसारण के माध्यम से संवाद और ई-मेल संचार जैसे आधुनिक कौशलों पर विशेष रूप से काम किया। इस गहन अभ्यास का लाभ उन्हें चीन में मिला और उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता रजत पदक अपने नाम कर लिया।
स्वर्ण से महज एक अंक दूर रहे पार्थ वोहरा
देहरादून के रहने वाले 25 वर्षीय पार्थ वोहरा ने इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी में रजत पदक जीतकर अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवाया। उन्होंने यूपीईएस (UPES) देहरादून से प्रोडक्ट डिजाइन में स्नातक किया है और वर्तमान में नोएडा स्थित एक नामी कंपनी में इंडस्ट्रियल डिजाइनर के रूप में कार्यरत हैं। पार्थ ने प्रतियोगिता में कुल 721 अंक हासिल किए और वह स्वर्ण पदक जीतने से महज एक अंक पीछे छूट गए।
पार्थ की यह उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि इंडस्ट्रियल डिजाइन टेक्नोलॉजी उत्तराखंड की राज्य स्तरीय कौशल प्रतियोगिता की मूल सूची में शामिल नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और ट्रैक-2 के माध्यम से प्रतियोगिता में सीधे प्रवेश किया। उन्होंने क्षेत्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ल्डस्किल्स के लिए अपना स्थान सुनिश्चित किया और अंततः वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता रजत पदक देश की झोली में डाला।
एनएसडीसी और शासन का मिला सहयोग
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की इस कठिन तैयारी में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) की ओर से भी दोनों हुनहारों को विशेष सहयोग दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान अत्याधुनिक उपकरण, आवास, मासिक स्टाइपेंड और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के अनुरूप आवश्यक माहौल उपलब्ध कराया गया। इससे दोनों युवाओं को अपनी तकनीकी दक्षता को वैश्विक मानकों के अनुसार निखारने का जरूरी अवसर मिला।
कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के सचिव रवि शंकर ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि सानिया और पार्थ की सफलता कौशल आधारित प्रशिक्षण, संस्थागत सहयोग और युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराने के महत्व को दर्शाती है। विभाग और यूकेएसडीएस की ओर से प्रदेश के युवाओं को बड़े मंचों तक पहुंचाने के प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेंगे ताकि वे देश के लिए वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता रजत पदक ला सकें।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने दोनों युवाओं को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विशेष रूप से बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि विश्व के इतने प्रतिष्ठित कौशल मंच पर उत्तराखंड के युवाओं का देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक जीतना पूरे प्रदेश के लिए बहुत बड़े गर्व का विषय है।
दोनों युवाओं की यह सफलता प्रदेश के अन्य लाखों युवाओं को भी कौशल विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ने और उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। सरकार भविष्य में भी ऐसे कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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खबर का मुख्य सार
- विश्व स्तर पर भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
- इंडियास्किल्स से शंघाई तक का सफर
- सानिया जोशी ने रिटेल सेल्स में दिखाया हुनर
- स्वर्ण से महज एक अंक दूर रहे पार्थ वोहरा
- एनएसडीसी और शासन का मिला सहयोग
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई