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Badrinath Dham Kapat Band 2026: 16 November को बंद होंगे बद्री विशाल के कपाट

जसपाल सिंह नेगी, 21 अक्टूबर 2026: Badrinath Dham Kapat Band 2026 की पावन तिथि का सभी श्रद्धालुओं को बेसब्री से इंतजार था, जो अब समाप्त हो गया है। भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने की तिथि घोषित हो गई है। भगवान बद्री विशाल के कपाट 16 नवंबर 2026 को रात 9 बजकर 37 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। यह निर्णय विजयादशमी के पावन पर्व पर घोषित किया गया।श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। कपाट बंद होने की प्रक्रिया वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न होगी।

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Badrinath Dham Kapat Band 2026 का शुभ मुहूर्त

पाट बंद तिथि: 16 नवंबर 2026, सोमवार
कपाट बंद समय: रात्रि 9 बजकर 37 मिनट
स्थान: भू-बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम, चमोली, उत्तराखंडबदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि कपाट बंद होने से पूर्व भगवान को विशेष कंबल और घृत कंबल धारण कराया जाता है। मान्यता है कि शीतकाल में देवताओं के लिए भगवान बदरीनाथ की पूजा स्वयं देवर्षि नारद करते हैं। इसलिए मंदिर के गर्भगृह में घी का दीया 6 महीने तक जलता रहता है।

Badrinath Dham Kapat Band 2026 से पहले की विशेष पूजाएं

कपाट बंद होने से दो दिन पहले से ही विशेष तैयारियां शुरू हो जाती हैं।

14 नवंबर – गणेश जी के कपाट बंद

15 नवंबर – आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद

16 नवंबर – मुख्य बद्री विशाल और माता लक्ष्मी जी के कपाट बंद

इस दौरान वेदों के ज्ञाता रावल जी, जो कि मंदिर के मुख्य पुजारी होते हैं, माता लक्ष्मी को भगवान के साथ विराजमान करते हैं ताकि शीतकाल में उनकी सेवा हो सके।

शीतकाल में होते हैं बद्री विशाल के दर्शन

जब Badrinath Dham Kapat Band 2026 के बाद धाम बर्फ से ढक जाता है, तब भगवान की चल विग्रह उत्सव डोली पांडुकेश्वर और जोशीमठ के नरसिंह मंदिर में लाई जाती है। शीतकाल के 6 महीने भक्त जोशीमठ के श्री नरसिंह मंदिर में भगवान बद्री विशाल के दर्शन कर सकते हैं। इसे बदरीनाथ का शीतकालीन गद्दीस्थल कहा जाता है।अधिक जानकारी के लिए आप श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की आधिकारिक वेबसाइट badrinath-kedarnath.gov.in/ देख सकते हैं। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए उत्तराखंड पर्यटन विभाग की साइट uttarakhandtourism.gov.in भी उपयोगी है।

बदरीनाथ धाम का महत्व

बदरीनाथ धाम भारत के चार धामों और छोटा चार धाम में से एक है। यह अलकनंदा नदी के किनारे स्थित है। ऐसी मान्यता है कि सतयुग में यहां भगवान विष्णु ने तपस्या की थी।

यदि आप केदारनाथ धाम की यात्रा पर भी जा रहे हैं,

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