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संवैधानिक ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकता : राहुल गाँधी, नेता विपक्ष

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मीडिया लाइव, नई दिल्ली : लोकसभा में विपक्ष में के नेता राहुल गाँधी ने पीएम की अध्यक्षता में हुई सीबीआई डायरेक्टर के चयन समिति की बैठक में अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। राहुल ने कहा कि विपक्ष का नेता कोई रबर स्टैम्प नहीं है। जानिए और क्या कहा। राहुल ने कहा- CBI डायरेक्टर का सिलेक्शन प्रोसेस सिर्फ एक फॉर्मेलिटी बना दिया गया। मैं इस पक्षपातपूर्ण काम में शामिल होकर अपनी संवैधानिक ड्यूटी से पीछे नहीं हट सकता। लेकिन कड़े शब्दों में अपनी असहमति जताता हूं।

प्रधानमंत्री आवास 7, लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस बैठक में भारत के मुख्य न्यायधीश (CJI) सूर्यकांत और राहुल गांधी शामिल हुए थे। बैठक करीब एक घंटे चली। मीटिंग से निकलने के बाद राहुल ने सोशल मीडिया पर एक लेटर शेयर किया। जिसमें अपनी असहमति का कारण बताया। मौजूदा CBI डायरेक्टर प्रवीण सूद का कार्यकाल 24 मई को खत्म होने वाला है।

CBI डायरेक्टर के सिलेक्शन के लिए प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और लोकसभा में विपक्ष के नेता की मीटिंग में नाम फाइनल होता है। इसके बाद गृह मंत्रालय से निर्देश मिलने के बाद डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DOPT) आदेश जारी करता है। 2019 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, जिन सीनियर अधिकारियों के रिटायरमेंट को छह महीने से कम बचे हैं। ऐसे किसी भी अधिकारी को CBI डायरेक्टर के पद के लिए विचार नहीं किया जा सकता है।

कोर्ट ने यह भी कहा था कि डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल से कम नहीं हो सकता है और नियुक्ति समिति की सहमति से ही उनका तबादला किया जा सकता है। सेंट्रल विजिलेंस कमीशन एक्ट 2003 ने CBI डायरेक्टर का कार्यकाल 2 साल तय किया था। हालांकि, परिस्थितियों के हिसाब से उसे एक-एक साल करके पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है।

मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर प्रवीण सूद ने 25 मई, 2023 को CBI चीफ का पद संभाला था। पिछले साल उन्हें रिटायर होना था लेकिन कार्यकाल एक साल के लिए बढ़ा दिया गा था। सूद कर्नाटक कैडर के 1986 बैच के IPS अधिकारी हैं।