
पौड़ी शहर में जाम से निजात के उपाय तलाशने के दावों के बीच ट्रैफिक और पार्किंग से जनता बेहाल
गणेश नेगी ,पौड़ी, 26 अक्टूबर 2026: पौड़ी शहर में जाम से निजात के उपाय तलाशने के बड़े-बड़े प्रशासनिक दावों के बीच जनता इन दिनों गंभीर यातायात समस्याओं से जूझ रही है। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें और पार्किंग के लिए जगह न होना यहां की बड़ी मुसीबत बन चुका है। वास्तव में जनपद मुख्यालय की सड़कों पर हर दिन राहगीरों और वाहन चालकों को जाम में फंसकर परेशान होना पड़ता है। बाजार और रिहायशी इलाकों में पार्किंग की मुकम्मल व्यवस्था न होने से लोग सड़कों के किनारे ही गाड़ियां खड़ी करने को मजबूर हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना रहता है।
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राहत देने को लेकर सरकारी तंत्र के बड़े दावे
जनता की इस भारी परेशानी के बीच अब शासन और प्रशासन ने दावों की झड़ी सी लगा दी है। सोमवार को सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश ने शहर का दौरा किया और निर्माणाधीन व प्रस्तावित पार्किंग स्थलों का जायजा लिया। उन्होंने पौड़ी शहर में जाम से निजात के उपाय के रूप में विभाग पॉकेट पार्किंग और बड़ी बहुमंजिला पार्किंग परियोजनाओं के माध्यम से सड़कों से वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद जताई है। इसके लिए उन्होंने मौके पर सभी जिम्मेदार अधिकारीयों को सख्त निर्देश भी दिए।
पार्किंग परियोजनाओं को लेकर प्रशासन का रोडमैप
- एक महीने में पार्किंग तैयार करने का दावा: अपर चोपड़ा में बन रही 30 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग को लेकर दावा है कि ग्रामीण निर्माण विभाग इसका काम हर हाल में एक माह के भीतर पूरा कर लेगा।
- 70 वाहनों की पार्किंग का विकल्प: जीएमवीएन के पास बनी 70 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करके इसे पूरी तरह इस्तेमाल में लाने की बात कही जा रही है ताकि यह व्यवस्था भी पौड़ी शहर में जाम से निजात के उपाय के रूप में काम आ सके।
- 300 वाहनों की मेगा पार्किंग का वादा: पावर हाउस क्षेत्र में प्रस्तावित बड़ी बहुमंजिला पार्किंग के लिए चिह्नित जमीन का पुनर्मूल्यांकन हो रहा है, जिसका प्रस्ताव जल्द से जल्द शासन को भेजने का दावा किया गया है।
सांस्कृतिक धरोहरों को भी संवारने की बात
ट्रैफिक के अलावा शहर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के रखरखाव को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर वादे किए गए हैं। निर्माणाधीन हेरिटेज संग्रहालय और वीर भूमि स्थल के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, सर्किट हाउस स्थित गेस्ट हाउस को पारंपरिक पहाड़ी शैली में नया रूप देने और संग्रहालय की सजावट का प्रस्ताव भी जल्द शासन को भेजने की बात कही गई है।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, अपर जिलाधिकारी पी.आर. चौहान, ग्रामीण निर्माण विभाग के अहस्ताक्षरित अधिशासी अभियंता एल.पी. भट्ट और डीडीए के अवर अभियंता रणवीर सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें गुणवत्ता के साथ समय पर काम पूरा करने का जिम्मा दिया गया है।