
Vidhansabha Chunaav 2027: देहरादून में 10 सीटों पर महातैयारी शुरू, 12 लाख वोटर करेंगे बड़ा फैसला
सतेंद्र सिंह, देहरादून,19 अक्टूबर, 2026 : Vidhansabha Chunaav 2027 को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने जमीनी मोर्चे पर अपनी तैयारियां बेहद तेज कर दी हैं। सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने चुनाव के लिए तैनात सभी नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। इस हाई-लेवल मीटिंग में जिलाधिकारी ने साफ कर दिया कि चुनावी तैयारियों और जिम्मेदारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी भारत निर्वाचन आयोग के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
जिला प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, देहरादून जिले की 10 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 11,94,797 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। चुनाव को बेहतर ढंग से कराने के लिए पूरे जिले में कुल 2,045 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं, जिनमें से 1,279 बूथ शहरी क्षेत्रों में और 766 बूथ ग्रामीण इलाकों में आते हैं। फरवरी महीने में होने वाली संभावित बर्फबारी और मसूरी-चकराता जैसे दुर्गम इलाकों के 19 शैडोエリア (नेटवर्क विहीन क्षेत्रों) में मतदान सुचारू रूप से कराने के लिए अभी से एक विशेष आकस्मिकता योजना (कंटीजेंसी प्लान) पर काम शुरू कर दिया गया है।
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Vidhansabha Chunaav 2027: पोलिंग बूथों पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं और मजबूत नेटवर्क
देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिले के सभी उप जिलाधिकारियों (SDMs) को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के मतदेय स्थलों का भौतिक सत्यापन करें। मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, रैंप, शेड और शौचालयों जैसी सभी जरूरी बुनियादी सुविधाएं समय से पहले दुरुस्त हो जानी चाहिए। जिन मतदान केंद्रों पर चार या पांच से अधिक बूथ हैं, वहाँ भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश (एंट्री) और निकास (एग्जिट) के अलग-अलग रास्ते बनाए जाएंगे ताकि मतदाताओं को कोई परेशानी न हो.
दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों में संचार व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। समीक्षा बैठक में सामने आया कि चकराता के 12 और मसूरी विधानसभा क्षेत्र के 7 पोलिंग स्टेशन पूरी तरह ‘शैडो एरिया’ में हैं, जहाँ मोबाइल नेटवर्क की भारी किल्लत है। जिलाधिकारी ने टेलीकॉम कंपनियों और नोडल अधिकारियों को इन क्षेत्रों में तुरंत नेटवर्क कनेक्टिविटी बहाल करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, फरवरी में बर्फबारी की आशंका वाले 65 पोलिंग स्टेशनों के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि भारी बर्फबारी के बावजूद मतदान दल और मतदाता सुरक्षित बूथ तक पहुँच सकें।
सीमाओं पर कड़ी नाकेबंदी: शराब और नकदी की तस्करी पर लगेगी रोक
देहरादून जिले की भौगोलिक सीमाएं पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश (सिरमौर और शिमला) और उत्तर प्रदेश (सहारनपुर) के साथ-साथ उत्तराखंड के ही चार अन्य जिलों से जुड़ती हैं। Vidhansabha Chunaav 2027 के दौरान सीमा पार से होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने के लिए अंतरराज्यीय बॉर्डर पर सुरक्षा घेरा कड़ा किया जा रहा है। इन संवेदनशील बॉर्डर पॉइंट्स पर high-tech चेकपोस्ट स्थापित किए जाएंगे।
प्रशासन ने अवैध नकदी, ड्रग्स और शराब की तस्करी पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड टीम (FST) और वीडियो सर्विलांस टीम (VST) के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन टीमों को आधुनिक उपकरणों के संचालन और सतर्कता बरतने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि सीमाओं पर सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए और संदिग्ध वाहनों की कड़ी तलाशी ली जाए।
12 लाख वोटर्स का गणित: बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए होगी होम वोटिंग
इस बार देहरादून जिले में कुल 11 लाख 94 हजार 797 मतदाता लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लेंगे। लिंगानुपात के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में 6,17,041 पुरुष मतदाता, 5,77,706 महिला मतदाता और 50 transgender वोटर पंजीकृत हैं। जिला प्रशासन का विशेष फोकस इस बार समाज के हर वर्ग को बूथ तक लाने पर है, जिससे मतदान का प्रतिशत ऐतिहासिक स्तर पर पहुँचाया जा सके।
जिले में कुल 10,201 दिव्यांग मतदाता और 85 वर्ष से अधिक आयु के 7,845 वरिष्ठ नागरिक चिह्नित किए गए हैं। इन सम्मानित बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं की सहूलियत के लिए निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत ‘होम वोटिंग’ (घर से मतदान) का विकल्प दिया जाएगा। इसके अलावा, जो लोग बूथ पर आकर vote डालना चाहते हैं, उनके लिए व्हीलचेयर, वालंटियर्स (स्वयंसेवक), डोली और पालकी की विशेष व्यवस्था की जाएगी ताकि कोई भी वोटर पीछे न छूटे।
कम मतदान वाले क्षेत्रों और बुक्सा जनजाति के गांवों में चलेगा ‘स्वीप’ अभियान
पिछले चुनावों के डेटा का विश्लेषण करते हुए जिलाधिकारी ने व्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) टीम को विशेष निर्देश दिए हैं। जिले के जिन मतदान केंद्रों पर पिछले चुनाव में 50 फीसदी से कम वोट पड़े थे, वहाँ विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, उन बूथों की भी अलग से सूची बनाई जा रही है जहाँ महिलाओं या पुरुषों का टर्नआउट कम रहा था।
युवा वोटर्स को जोड़ने के लिए जिले के सभी डिग्री कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके छात्र-छात्राओं का नाम प्रारूप-6 के जरिए वोटर लिस्ट में दर्ज किया जा रहा है। इसके साथ ही, देहरादून जिले के बुक्सा जनजाति बाहुल्य 40 गांवों में शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक और सांस्कृतिक माध्यमों से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। चुनाव ड्यूटी में तैनात रहने वाले पुलिसकर्मियों, पीआरडी जवानों, सफाई कर्मचारियों और चालकों के लिए भी पोस्टल बैलेट या अन्य माध्यमों से मतदान की मुकम्मल व्यवस्था की जा रही है।
चुनाव कार्मिकों का डेटाबेस और निविदा प्रक्रिया जल्द होगी पूरी
चुनाव को समय पर और बिना किसी तकनीकी बाधा के संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने मैनपावर मैनेजमेंट पर काम शुरू कर दिया है। निर्वाचन ड्यूटी में लगाए जाने वाले सभी कर्मचारियों का एक एकीकृत डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से उनका मास्टर ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू होगा। सेक्टर और जोनल मजिस्ट्रेटों की तैनाती की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में है।
चुनाव से जुड़ी अधिक गाइडलाइंस और लाइव अपडेट्स के लिए आप भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं और राज्य की ताजा प्रशासनिक गतिविधियों के लिए उत्तराखंड मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) पोर्टल का अवलोकन कर सकते हैं।