MEDIA LIVE : COVID-19 संकट की घड़ी में बुजुर्गों का सहारा बनी थलीसैण पुलिस
मीडिया लाइव,थलीसैण-पौड़ी: जिले के सीमांत और दूरस्थ दो विकास खंडों थलीसैण और बीरोंखाल की कानून व्यवस्था का जिम्मा उठा रही थलीसैण पुलिस कोरोना संक्रमण के इस भयावह दौर में इलाके के बुजुर्गों की सेवा का जिम्मा बखूबी उठा रही है. महज उम्रदराज ही नहीं एकाकी जीवन बिताने वाले बुजुर्गों के सामने वाकई ये बहुत मुश्किल की घड़ियां हैं. क्योंकि एक निश्चित समय सीमा में बाजार तक जाना और जीवन यापन के लिए सौदा-पत्ता ख़रीद कर वापस लौटना, ऐसे लोगों के लिए बेहद कठिन है. ऐसे में क्षेत्र की कानून ब्यवस्था के साथ जरूरत मंदों तक थोड़ी सी मदद पहुंचाने की कोशिश भी वाकई तारीफे कबिल है.
यह थाना क्षेत्र करीब 180 किलोमीटर के दायरे में फैला है. साथ ही चमोली और अल्मोड़ा जनपदों की सीमा से सटा हुआ हुआ है. पहाड़ के दुर्गम इलाको तक पहुंचना ही मुश्किल होता है. ऐसे में जरूरत मंदों तक पहुंचना और उन्हें उनकी जरूरत का राशन-पानी मुहैया कराना मानवता का धर्म निभाना ही है. इस क्षेत्र में असहाय बुजुर्गों को खाद्यान्न सामग्री बांटने का काम इन दिनों थलीसैण थाने की पुलिस कर रही है. मौजूदा हालात में हर कोई वैश्विक महामारी कोरोना वाय़रस के संक्रमण से भयभीत है, लोग भी ऐसे में बाहर जाने से डर रहे हैं.

पूरे देश में लॉक डाउन किया गया है। लोगों का बाहर आना-जाना बन्द है. लेकिन पहाड़ के इन इलाकों के बेसहारा बुजुर्गों को इतनी जानकारी हो न हो लेकिन इनका खयाल तो रखा ही जाना चाहिए. सरकार के अन्य महकमें अपने स्तर पर काम में जुटे हैं लेकिन प्रदेश भर की पुलिस इस वक्त एक नए ही अवतार में दिख रही है. ये भी आम जनमानस के लिए एक नया अनुभव है. इसी मानवता के भाव के साथ थलीसैण थानाध्यक्ष संतोष पैथवाल मय पुलिस कर्मियों के पूरे थाना क्षेत्र के जिवई, जल्लू, कपरोली, मासों, बंगार, स्यूंसी, आदि गाँवों के गरीब असहाय वृद्ध जनों, जिनका कोई आश्रित नही है, जो बाजार आने-जाने में सक्षम नही है, उनकी मदद के लिए आटा, चावल, सब्जी, चाय, चीनी पहुंचाने का काम कर रहे हैं.यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा, लॉकडाउन का पालन करने के अलावा अन्य कई जिम्मेदारियों के साथ वे लगातार ग्रामीण इलाकों से सूचनाएं जुटा कर उन तक राहत पहुंचाने के काम पर भी फोकस किये हुए हैं. इस टीम में सिपाही टीकम सिंह, , राकेश चौहान आदि शामिल हैं.