उम्मीद

बच्चों और बुजुर्गों के बीच संवाद की पहल : पीढ़ियों के अंतर को समझने की कोशिश

FacebookTwitterGoogle+WhatsAppGoogle GmailWeChatYahoo BookmarksYahoo MailYahoo Messenger

मीडिया लाइव, देहरादून : राजधानी देहरादून में समाज कल्याण विभाग की एक नई पहल ने वरिष्ठ नागरिकों और युवा पीढ़ी के बीच कम्युनिकेशन गैप की गहराई को कम करने और अंतर पीढ़ीगत संबंधों को मजबूत बनाने हेतु अनुभव साझा संवाद पहल की शुरुआत की है।

राज्य सरकार के निर्देशों पर जिला प्रशासन देहरादून की इस पहल की शुरुआत प्रेम धाम वृद्ध आश्रम से शुरू की गई है। भारत सरकार द्वारा अटल वयो अन्युदय योजना के तहत बुजुर्गों को व्हीलचेयर, कान के मशीन, वाकर, कमर की बेल्ट जैसे 136 सहायक उपकरण दिए गए। साथ ही इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग ने वृद्धजनों का मेडिकल चेकअप किया। जिसमें खून, बीपी, शुगर की जांच के बाद दवाइयां दी गयी।

प्रेम धाम वृद्ध आश्रम में मौजूद 34 वरिष्ठ वृद्ध जनों के बीच कार्मन रेजिडेंशियल एंड डे स्कूल के बच्चों ने अपने जीवन के बीते वर्षों के अनुभव, विचार और जीवन मूल्यों को साझा किया। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों ने बच्चों के संग अपने जीवन की सिख व अनुभव के किस्से भी सामने रखें। संवाद के इस खुले मंच ने दोनों पीढ़ियों को एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने का अवसर प्रदान किया। पर्यावरण को सुरक्षित रखने हेतु वरिष्ठ नागरिकों द्वारा मुख्यमंत्री की पहल एक पेड़ मां के नाम के तहत आम का पौधा रोपित किया।

संवाद कार्यक्रम में मौजूद वृदजनों ने भी इस कार्यक्रम को जिला प्रशासन की अच्छी पहल बताया। कहा कि इस कार्यक्रम से हमे खुशी मिलर रही है और बच्चों के साथ हमें अपने बचपन के दिन याद आ रहे हैं।

प्रेम धाम वृद्धाश्रम की इंचार्ज सिस्टर एंगिलिनी नहीं बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से वृद्ध जनों का अकेलापन दूर होता है साथ ही उन्हें मनोरंजन की अनुभूति भी होती है। उन्होंने बताया कि हमारे आश्रम की सभी वृद्ध जनों ने इस कार्यक्रम में एन्जॉय किया है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए शिविर में भी तमाम व्यंजनों ने अपने मेडिकल चेकअप भी कराया है।

जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने बताया कि भारत सरकार की अटल वयो अन्युदय योजना के अन्तर्गत अनुभव साझा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें वृद्ध जनों के साथ विद्यालय के बच्चों वार्तालाप कराया गया। जानू ने एक दूसरे के साथ अपने विचार व अनुभवो को साझा किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के संवाद कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित किया जाएगा।