कोरोना से लड़ रहे मेडिकल स्टाफ के लिए आईसोलेशन सुविधा तैयार
मीडियालाईव, देहरादून । कोरोना के खिलाफ जंग में डॉक्टर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ सबसे आगे खड़े हैं। जिसे देखते हुए सरकार ने इनके लिए आईसोलेशन सुविधाओं के साथ अस्थाई आवासीय व्यवस्था की है। सरकार की ओर से कोविड-19 अस्पतालों के रूप में घोषित अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ को ये सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए इन अस्पतालों के निकटवर्ती होटलों की मदद ली गई है। कोरोना के खिलाफ जंग में निजी क्षेत्र की भी भागीदारी इसमें सुनिश्चित की गई है। गौरतलब है कि कोरोना के खिलाफ जंग में सबसे ज्यादा जोखिम वाले काम में डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ ही हैं। जो मरीज के सीधे संपर्क में रहते हैं। ऐसे में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ये कदम उठाया जाना जरूरी था। इस संबंध में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बीती 30 मार्च को बैठक हुई थी। जिसमें दून मेडिकल कॉलेज, मिलिट्री अस्पताल देहरादून, मिलिट्री अस्पताल रुड़की, मिलिट्री अस्पताल पिथौरागढ, मिलिट्री अस्पताल लैंसडाउन, महंत इंद्रेश अस्पताल देहरादून, ऐम्स ऋषिकेश और हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के प्रतिनिधि शामिल हुए। इन सभी अस्पतालों ने 30 मार्च तक 1600 बेड आईसोलेशन और कोविड 19 उपचार सुविधाओं के साथ तैयार कर लिए थे। अब इन अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ के लिए निकटवर्ती होटल मे आईसोलेशन और आवास की सुविधा तैयार की गई है। पर्यटन सचिव की ओर से इन होटल को जरूरी दिशा निर्देश जारी किये जा चुके हैं।