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अंकिता भंडारी के माता-पिता को हिरासत में लेने पर बड़ा घमासान, भड़के राहुल गांधी

दिल्ली/देहरादून, 15 अक्टूबर 2026 पुष्कर सिंह: अंकिता भंडारी के माता-पिता को देश की राजधानी दिल्ली में रात के अंधेरे में हिरासत में लिए जाने के बाद देश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। लोकसभा में नेता विपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई पर बेहद तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया और अपने बयानों के जरिए सरकार को घेरते हुए पूछा है कि आखिर अपनी बेटी के इंसाफ के लिए शांति से बैठे बुजुर्ग माता-पिता का गुनाह क्या है? यह घटना तब सामने आई जब वे इंडिया गेट पर चुपचाप अपनी मांगों को लेकर बैठे हुए थे।

सुबह 4 बजे पुलिस का एक्शन और राहुल गांधी का गुस्सा

देश जब सुबह की गहरी नींद में सोया हुआ था, ठीक उसी वक्त यानी सुबह के करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लिया। इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की गुहार लगा रहे अंकिता भंडारी के माता-पिता को पुलिस ने अपनी कस्टडी में ले लिया।
इस पूरे मामले पर गहरा दुख और रोष व्यक्त करते हुए नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सरकार की नीयत पर उंगली उठाई है। उन्होंने कहा कि जो माता-पिता अपने बोझिल कंधों पर बेटी को खोने का गम लेकर इंसाफ मांग रहे थे, उन्हें अपराधियों की तरह रात के अंधेरे में उठा लिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई यह साफ दर्शाती है कि शासन तंत्र किस कदर संवेदनहीन हो चुका है।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की पीड़ितों से मुलाकात

इस बड़ी राजनीतिक हलचल से ठीक एक दिन पहले कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाडरा ने खुद अंकिता भंडारी के माता-पिता से खास मुलाकात की थी। इस भावुक मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार ने अपने दिल का दर्द साझा किया था।
राहुल गांधी ने बताया कि माता-पिता बिना किसी हंगामे के, बेहद शांत तरीके से अपनी बात देश के सामने रख रहे थे। लेकिन सरकार को उनका यह शांतिपूर्ण रवैया भी बर्दाश्त नहीं हुआ। कांग्रेस नेताओं ने साफ किया कि वह पीड़ित परिवार के इस अथाह दुख में उनके साथ पूरी ताकत से खड़े हैं।

दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर उठे सवाल

इस पूरे विवाद की मुख्य जड़ हाल ही में हुई एक बड़ी राजनीतिक नियुक्ति है। अंकिता भंडारी के माता-पिता की सिर्फ इतनी सी मांग थी कि जब तक इस पूरे हत्याकांड की सीबीआई (CBI) जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त न किया जाए।
पीड़ित परिवार का मानना है कि जांच पूरी होने से पहले इतनी बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी दिए जाने से मामले की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। राहुल गांधी ने भी इसी बात को दोहराते हुए कहा कि जिस गंभीर जांच का अभी तक कोई अंतिम नतीजा नहीं आया है, उसके पहले ही इतनी जल्दबाजी में नियुक्ति करने के पीछे आखिर क्या मकसद है?

कांग्रेस का बड़ा ऐलान: न्याय मिलने तक जारी रहेगी लड़ाई

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ा हमला करते हुए कहा कि इस शासन की अब यही मुख्य पहचान बन चुकी है कि जो भी सवाल पूछे, उसकी आवाज को दबा दो। पीड़ितों को न्याय देने के बजाय उन्हें ही प्रताड़ित करना इस व्यवस्था का नियम बन गया है।
उन्होंने सरकार को सीधे शब्दों में चेतावनी देते हुए साफ किया है कि न्याय की यह लड़ाई किसी भी दबाव में न तो दबने वाली है और न ही रुकने वाली है। कांग्रेस पार्टी देश की बेटी अंकिता भंडारी के परिवार के साथ हर कदम पर मुस्तैदी से खड़ी है और जब तक उन्हें पूरा न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
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