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महिलाओं ने छेड़ी स्वच्छता की मुहिम तो कारवां जुड़ने की जगी उम्मीद

जसपाल नेगी, चमोली, 2 अक्टूबर 2026 : उत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली के विकासखंड दशोली के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत रैतोली में मातृशक्ति के नेतृत्व में ग्रामीण विकास की दिशा में 1 शानदार शुरुआत हुई है। यहाँ शुक्रवार का दिन सफाई व्यवस्था के लिहाज से काफी खास रहा, जहाँ स्वच्छता की मुहिम महिलाओं द्वारा शुरू किए जाने के बाद अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुकी है। महिलाओं ने पूरे क्षेत्र में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाकर समाज के सभी वर्गों को इस पावन अभियान से जुड़ने का एक बेहद खूबसूरत और जरूरी सन्देश दिया है।

श्रमदान की संस्कृति और महिलाओं का संकल्प

पहाड़ की पारंपरिक सामूहिक श्रमदान संस्कृति को जीवित रखते हुए बंड क्षेत्र के रैतोली गांव सहित आसपास के पूरे इलाके में महिलाओं ने अपनी अनूठी एकजुटता का परिचय दिया। स्वच्छता की मुहिम के तहत महिलाओं ने न केवल गांव के रास्तों की सफाई की, बल्कि सबसे महत्वपूर्ण प्राकृतिक पेयजल स्रोतों की भी गहन सफाई की। इसके साथ ही, मुख्य संपर्क पैदल मार्गों पर जगह-जगह उगी कंटीली झाड़ियों को काटकर नष्ट किया गया, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
अभियान के दौरान महिलाओं ने संजीदगी दिखाते हुए प्लास्टिक कचरे और अन्य एकत्रित कूड़े का पर्यावरण अनुकूल तरीके से सुरक्षित निस्तारण किया। इस दौरान एकत्रित मातृशक्ति का उत्साह देखने लायक था और उनका स्पष्ट कहना था कि उनकी यह स्वच्छता की मुहिम केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि भविष्य में भी समय-समय पर इस प्रकार के सफाई अभियान नियमित रूप से जारी रखे जाएंगे।

रैतोली गांव में सफाई व्यवस्था का जमीनी निरीक्षण

इस पूरी मुहिम की सबसे अच्छी बात यह देखी गई कि सुबह-सुबह जिसने भी महिलाओं को इस प्रकार एकजुट होकर रास्तों को साफ करते देखा, वह भी स्वतः ही इस स्वच्छता की मुहिम का हिस्सा बनता चला गया। ग्रामीण युवाओं और बुजुर्गों ने भी महिलाओं के इस कदम की भरपूर सराहना की। गांव के सार्वजनिक रास्तों को कूड़ा मुक्त बनाने के लिए महिलाओं ने अलग-अलग टोलियां बनाकर काम किया। जल स्रोतों के पास ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया ताकि बरसात के मौसम के बाद किसी भी प्रकार की मौसमी बीमारियों का खतरा ग्रामीणों पर न मंडराए। स्थानीय प्रशासन और पंचायत स्तर पर भी महिलाओं की इस शानदार पहल को एक आदर्श मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।

बंड क्षेत्र में भविष्य के लिए जन-जागरूकता अभियान

इस सफल कार्यक्रम के समापन पर ग्राम प्रधान आशा देवी ने सभी उपस्थित महिलाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बंड क्षेत्र के अन्य पंचायतों को भी इस अनूठी पहल से प्रेरणा लेनी चाहिए। जब तक हमारी मातृशक्ति आगे आकर नेतृत्व नहीं करेगी, तब तक पूर्ण स्वच्छता का लक्ष्य हासिल करना असंभव है। स्वच्छता की मुहिम को आगे बढ़ाते हुए अब अगले चरण में प्लास्टिक उन्मूलन और गीले-सूखे कूड़े के अलग-अलग निस्तारण को लेकर ग्रामीणों के बीच एक विशेष जागरूकता कार्यशाला भी आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

इस शानदार और प्रेरणादायक अभियान के मौके पर ग्राम प्रधान आशा देवी मुख्य रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने पूरी टीम का नेतृत्व किया। उनके साथ गांव की सभी जागरूक महिलाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर इस अभियान में अपना हाथ बंटाया, जिनमें मुख्य रूप से सरस्वती देवी, शबीना देवी, कलावती देवी, रंजना देवी, लक्ष्मी देवी, चन्द्रकला देवी, भावना देवी, पूजा देवी, सरोजनी, हिमानी, राजी देवी, लक्की, पूनम, भुवना देवी, सरोजनी, प्रेमा देवी, सतेश्वरी देवी, मुन्नी देवी, सुलोचना, सरिता देवी, अक्षिता, अर्पणा, सावित्री देवी, पुष्पा, सरोजनी और पवित्रा देवी आदि ग्रामीण महिलाएं सक्रिय रूप से मौजूद रहीं।

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