संस्कृति-पर्यावरण

सीएम ने जय कण्डोलिया महोत्सव को राजकीय महोत्सव करने का ऐलान किया

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मीडिया लाइव, पौड़ी : नगर पालिका पौड़ी की तरफ से आयोजित जय कंडोलिया महोत्सव में शिरकत करने पहुँचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यहाँ आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण किया। रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ करते हुए उन्होंने जिले की ₹110.55 करोड़ की लागत की योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

इस मौके पर सीम ने विज्ञान संग्रहालय में विकसित की गई विज्ञान आधारित गतिविधियों और प्रयोगात्मक शिक्षण व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री ने संग्रहालय का भ्रमण कर विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित इंटरएक्टिव मॉडलों, वैज्ञानिक प्रदर्शनों, एवं आधुनिक उपकरणों का अवलोकन किया। विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने संग्रहालय में स्थापित वैज्ञानिक प्रदर्शनों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान बच्चे उत्साहित नजर आए। मुख्यमंत्री ने स्वयं भी कई प्रदर्शनियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने विज्ञान, अंतरिक्ष, ऊर्जा, पर्यावरण एवं तकनीकी नवाचारों से संबंधित प्रदर्शनों का अवलोकन करते हुए कहा कि ऐसे विज्ञान संग्रहालय बच्चों में जिज्ञासा, अनुसंधान की भावना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

खासकर जय कंडोलिया महोत्सव के लिए यहाँ पहुँचे मुख्यमंत्री ने पौड़ी के आराध्य भूमि के भूम्याल ईष्ट देव कंडोलिया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने रामलीला मैदान पहुंचकर कंडोलिया महोत्सव का शुभारंभ किया। जहाँ मुख्यमंत्री ने जय कंडोलिया महोत्सव को राजकीय महोत्सव के रूप में विकसित किए जाने की घोषणा की। इस ऐलान से नगरपालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी के प्रयासों को राजनीतिक बल मिलता हुआ दिख रहा है। ऐसे आने वाले समय में यह महोत्सव निश्चित रूप से बड़ा स्वरुप ले सकता है। इससे जनपद मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्र में पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियाँ बढेंगी और रोजगार के मौके बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को नई पहचान देने का सशक्त जरिया है। उन्होंने कहा कि आज जनपद के विकास में एक नया अध्याय जुड़ा है। आज लगभग ₹110 करोड़ की लागत की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया है। ये परियोजनाएं क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगी।

उन्होंने कहा उत्तराखण्ड विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। चारधाम यात्रा लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य विकास को पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ हाउस ऑफ हिमालयाज, एक जनपद-दो उत्पाद योजना, मिलेट मिशन, नई पर्यटन व फिल्म नीति, स्वरोजगार तथा होमस्टे योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की सनातन संस्कृति, मूल स्वरूप और सामाजिक सौहार्द की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से यूसीसी, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून तथा सख्त भू-कानून जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र में संचालित विभिन्न विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी, एनआईटी परिसर, गंगा संस्कृति केंद्र, सिंगटाली पुल, पौड़ी-श्रीनगर मार्ग चौड़ीकरण, झील निर्माण, ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक तथा खेल अवस्थापना से जुड़ी परियोजनाएं क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करेंगी और रोजगार व पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ाएंगी।

इस अवसर पर विधायक राजकुमार पोरी, दलीप सिंह रावत, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी डीएम स्वाति भदौरिया, एसएसपी सर्वेश पंवार, सीडीओ अशोक जोशी व अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।