संस्कृति-पर्यावरण

देहरादून गुरमत समागम आयोजन की हुई भव्य शुरुआत, बाइक रैली से गूंजा शहर

सतेंद्र रावत, देहरादून, 3 अक्टूबर 2026 : देहरादून गुरमत समागम आयोजन के तहत आज शहर में तीन दिवसीय धार्मिक महासमागम का एक विशाल और ऐतिहासिक बाइक रैली के साथ भव्य आगाज हो गया है। सर्ववंश दानी श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के देहरादून आगमन दिवस को पूरी तरह समर्पित इस भव्य समागम का आयोजन रेस कोर्स स्थित गुरू नानक पब्लिक ग्राउंड में बेहद श्रद्धा और जाहो-जलाल के साथ किया जा रहा है। कार्यक्रमानुसार सबसे पहले गुरु पंथ के देहरादून आगमन के स्वागत में एक विशाल, अनुशासित और शांतिपूर्ण बाइक रैली निकाली गयी, जिसमें भारी संख्या में सिख युवाओं और संगत ने भागीदारी की।

यह स्वागतमयी रैली आशा रोड़ी फ्लाईओवर से अरदास के साथ आरंभ हुई और देहरादून शहर के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई गुरु नानक ग्राउंड, रेस कोर्स पहुंची। इस बाइक रैली का मुख्य और प्राथमिक उद्देश्य गुरु पंथ का पावन धरा पर भव्य स्वागत करना और संगत को समागम से जोड़ना था। इस समागम को लेकर पूरी दून घाटी की साध-संगत में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

विशाल धार्मिक दीवान और पंथिक हस्तियों की हाजिरी

बाइक रैली के सफल समापन के पश्चात शनिवार और रविवार के कार्यक्रमों के लिए गुरु नानक ग्राउंड में विशाल धार्मिक दीवान सजाये गए हैं। इस देहरादून गुरमत समागम आयोजन की विशेषता यह है कि इसमें शिरोमणि पंथिक हस्तियां और देश के विख्यात रागी व कीर्तनी जत्थे संगत को गुरुबाणी और इतिहास से निहाल करने के लिए विशेष रूप से हाजिरी भर रहे हैं।

रविवार को निकलेगा भव्य खालसाई महल्ला, ये रहेगा रूट

इस तीन दिवसीय देहरादून गुरमत समागम आयोजन के अंतिम दिन यानी रविवार को दोपहर 12 बजे से गुरु पंथ खालसा की प्राचीन और गौरवमयी रीत के अनुसार एक विशाल ‘खालसाई महल्ला’ (नगर कीर्तन/शोभा यात्रा) निकाला जाएगा। यह महल्ला पूरी तरह से खालसाई मर्यादा और युद्ध कला के प्रदर्शन से परिपूर्ण होगा।
प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन की तरफ से निर्धारित किए गए रूट के अनुसार, यह भव्य महल्ला गुरु नानक पब्लिक ग्राउंड से प्रारंभ होकर रेस कोर्स चौक ➔ प्रिंस चौक ➔ रेलवे स्टेशन ➔ दर्शनी गेट ➔ कोतवाली ➔ मोती बाजार ➔ मछली बाजार ➔ बिंदाल चौक ➔ तिलक रोड ➔ झंडा बाजार ➔ सहारनपुर चौक ➔ गुरुद्वारा सिंह सभा ➔ प्रिंस चौक ➔ रेस्ट कैंप चौक ➔ त्यागी रोड से होते हुए पुनः गुरु नानक पब्लिक ग्राउंड जाकर संपन्न और विसर्जित किया जायेगा।

विरासत को जीवंत करने और समाज को जोड़ने का उद्देश्य

आयोजकों के अनुसार, इस पावन समागम का मुख्य और दूरगामी उद्देश्य श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के देहरादून आगमन की उस ऐतिहासिक शोभा, वैभव और पुरातन तरीके को वर्तमान पीढ़ी के सामने पुनः जीवंत करना है। समागम के दौरान निहंग सिंह फौजों का जाहो-जलाल, सजे हुए घोड़े, गूंजते निशान-नगारे, पारंपरिक शस्त्रविद्या (गतका प्रदर्शन) और पुरानी खालसाई मर्यादा को संगत के सम्मुख दर्शाया जा रहा है, ताकि हमारी आने वाली युवा पीढ़ी अपनी महान और गौरवशाली विरासत से गहराई से जुड़ सके। जत्था अकाली बाबा फतेह सिंह जी और समूह साध-संगत देहरादून ने मानवता और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए सभी धर्मों की संगत से इस पावन देहरादून गुरमत समागम आयोजन में परिवार समेत पहुंचकर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने की पुरजोर अपील की है।

समागम में शिरकत करने वाले प्रमुख नामों में ज्ञानी शेर सिंह बुड्ढा दल, भाई हरविंदरपाल सिंह, भाई गुरमीत सिंह शांत, बाबा गदगज सिंह, कविशर सुखबीर सिंह , ज्ञानी जंग सिंह , बीबी दलेर कौर , ज्ञानी बलविंदर सिंह  (पांवटा साहिब), भाई सहजदीप सिंह  (दिल्ली), भाई नवजोत सिंह  (जगाधरी), बीबी सिमरन कौर, बीबी रवनीत कौर , भाई हर्षदीप सिंह  (अंबाला), भाई रविंदर सिंह  (अंबाला), भाई बलविंदर सिंह , भाई अवतार सिंह , भाई जनक सिंह , और भाई मनप्रीत सिंह  (देहरादून) शामिल हैं। ये सभी महानुभाव अपने व्याख्यान और शबद-कीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल करेंगे।

धार्मिक आयोजन और सामाजिक समरसता:

आधुनिकता के इस दौर में अपनी प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासतों को संजोकर रखना किसी भी समाज के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। देहरादून की पावन धरती पर गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के आगमन दिवस को याद करते हुए इस प्रकार के समागम का आयोजन करना युवा पीढ़ी को उनकी जड़ों से जोड़ने का एक बेहद सराहनीय और सार्थक प्रयास है। इस आयोजन का सबसे मजबूत पहलू यह है कि यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘खालसाई महल्ला’ और शस्त्र विद्या (गतका) के जरिए समाज में वीरता, अनुशासन और एकता का एक सकारात्मक संदेश भी प्रसारित कर रहा है। ऐसे समय में जब समाज में बिखराव बढ़ रहा है, सभी धर्मों के लोगों को आमंत्रित कर गुरु महाराज के ‘मानस की जात सबै एकै पहचानबो’ के संदेश को धरातल पर उतारना ही इस देहरादून गुरमत समागम आयोजन की वास्तविक और सबसे बड़ी सफलता कही जाएगी।

ये भी पढ़ें  गुरमत समागम अभियान: देहरादून में 3 दिवसीय भव्य महाआयोजन कल से

ये भी पढ़ें shrihemkuntsahib.com/about-sikhism/

सही जानकारी देश का हक़ - उत्तराखंड की खबरों के लिए जुड़े रहिए MEDIA LIVE के साथ।