अंकिता भंडारी के लिए आवाज बुलंद करने वाली ज्योति अधिकारी को मिली जमानत
मीडिया लाइव, हल्द्वानी : उत्तराखंड में पीड़ित बच्चियों के हक़ में खुल कर विरोध करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए आवाज बुलंद करने वाली मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को आखिरकर पांच दिनों की न्यायिक हिरासत काटने के बाद राहत मिल गयी है। अंकिता हत्याकांड में कथित वीआईपी का नाम सामने आने के बाद उत्तराखंड में लगातार प्रदर्शनों के बीच हल्द्वानी से लेकर ऋषिकेश और देहरादून में सड़क पर उतरकर सोये हुए समाज को जगाने के लिए बेहद मुखरता से सामने आई ज्योति को हल्द्वानी में एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने बड़ी तत्परता के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जहाँ पांच दिन के बाद इस सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को आज मंगलवार को आखिरकार कोर्ट से राहत मिल गई है। एसीजे कोर्ट सेकेंड ने ज्योति की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है, जिसके बाद वह जेल से बाहर आएंगी। ज्योति गुरुवार से न्यायिक हिरासत में थी।
अब खबर विस्तार से हल्द्वानी में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को मंगलवार को बड़ी कानूनी राहत मिल गयी है। अपर मुख्य सिविल जज द्वितीय न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए उन्हें रिहा करने के आदेश दिए। इस मामले को लेकर बीते कई दिनों से पूरे उत्तराखंड में लगातार का बाजार गर्म था। लोग उनके पक्ष और विरोध में चर्चा कर रहे थे। लेकि इतना तय है कि जिस तेजी के साथ उत्तराखंड पुलिस ने ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की उससे लोगों की सहानुभूति इस सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के प्रति ज्यादा बढ़ गयी है। वहीं राज्य में लगातार बढ़ रहे अपराधों के चलते पुलिस की छवि पर गहरे दाग लग रहे हैं और जनता में पुलिस को लेकर भरोसा काम होता जा रहा है। हाल के दिनों में जिस तरह से राज्य सत्ता ने पुलिस का उपयोग किया वह पुलिसिया इकबाल के लिए नकारात्मक ही साबित हुआ है।
अब आते हैं एक बार फिर मुख्या मुद्दे पर आज कोर्ट में ज्योति अधिकारी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र बिष्ट और गौरव कपूर ने पक्ष रखा। बचाव पक्ष ने दलील दी कि ज्योति अधिकारी का किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने या उत्तराखंड की गरिमा को आहत करने का कोई इरादा नहीं था। साथ ही यह भी आश्वासन दिया गया कि भविष्य में उनके द्वारा कोई ऐसा कृत्य नहीं किया जाएगा जिससे अदालत या समाज की गरिमा पर प्रश्न उठे।
उल्लेखनीय है कि ज्योति अधिकारी के खिलाफ जूही चुफाल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया था। उन पर उत्तराखंड की महिलाओं और लोक देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने तथा एक कार्यक्रम के दौरान दराती लहराने जैसे आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने इस मामले में आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए 8 जनवरी को उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा था।
इसके अलावा ज्योति अधिकारी पर प्रदेश के अलग-अलग थानों में तीन से चार अन्य मामलों के दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, वर्तमान मामले में सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।जमानत की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में संतोष और राहत का माहौल देखा गया, जबकि प्रशासन और पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं। अब देखना ये है कि ज्योति अधिकारी कब सामने आकर अपनी बात रखेंगी।