उत्तराखण्ड न्यूज़

अंकिता भंडारी को न्याय : चौबट्टाखाल में कैंडल मार्च

FacebookTwitterGoogle+WhatsAppGoogle GmailWeChatYahoo BookmarksYahoo MailYahoo Messenger

मीडिया लाइव, पौड़ी: देश में बहु चर्चित उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की हत्या की सीबीआई जांच कर असल दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग अब गांव-गांव में उठने लगी है। इस मामले को लेकर उत्तराखंड के शहरों से दूर दराज गांवों तक की ग्रामीण जनता में भारी आक्रोश और उबाल है।

टीवी एक्ट्रेस उर्मिला सनावर के वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला फिर से तूल पकड़ गया है। पहाड़ के गरीब मां बाप की बेटी को न्याय की लड़ाई की मांग फिर से एक नए दौर में पहुंच गई है। इसे लेकर उत्तराखंड में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं।

राज्य में बीजेपी नेतृत्व वाली मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार सीधे जनता, सामाजिक संगठनों और विपक्षी सियासी दलों के निशाने पर है। इस मामले में कथित वीआइपी को बचाने में सीधे मुख्यमंत्री को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। लोग खुल कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, धामी सरकार और न्यायपालिका से न्याय की गुहार लगा रहे हैं। अपनी इस मांग को लेकर राज्यभर में कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं।

पौड़ी जिले की चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र में गुलदार के हिंसक हमलों में डर के माहौल के बावजूद अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए शनिवार की शाम अंधेरा होने पर घरों से निकलकर लोगों ने कैंडल मार्च निकाला और जमकर नारेबाजी कर अपना विरोध जाहिर किया।

यहां महिलाएं खुलकर अंकिता भंडारी हत्याकांड में वीआईपी को गिरफ्तार करने की मांग करती रही। यह कैंडल मार्च ग्रामीण इलाके में घुप अंधेरे में करीब डेढ़ किलोमीटर तक चला।

इस कैंडल मार्च में प्रेम सिंह नेगी, यशपाल राणा, सुधीर राणा, मातवर सिंह नेगी, हर्षपाल सिंह, सैन सिंह रमोला, वीरेंद्र सिंह, विमल रावत, रोहित रमोला, ध्रुव रावत, राजेंद्र सिंह रमोला, नरेश नेगी, सुमित्रा देवी, वंदना देवी, उषा देवी, बीना देवी, गीता देवी, लक्ष्मी देवी के अलावा क्षेत्र के ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, क्षेत्र के पंचायत वार्ड मेंबर, मुख्य रूप से शामिल रहे। इस मार्च में महिलाओं की संख्या बढ़ी तादाद में पहुंची थी। कैंडल मार्च की अगुवाई क्षेत्र में लगातार सक्रिय बने रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस नेता कवींद्र इष्टवाल ने की।