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उच्च न्यायालय ने पुरोला की ब्लॉक प्रमुख निशिता को नहीं दी राहत, 4 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

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मीडिया लाइव,नैनीताल : उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने ब्लॉक प्रमुख पुरोला निशिता एक महत्वपूर्ण मामले में किसी तरह की अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया है। न्यायालय ने संबंधित पक्षों से तीन सप्ताह के अंदर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई की लिए आगामी 4 दिसम्बर की तारीख मुक़र्रर की है।

नैनीताल हाई कोर्ट में इस मामले को देख रहे सीनियर एड्वोकेट अनिल कोठारी ने बताया कि यह मामला निशिता की तरफ से जिला न्यायालय, उत्तरकाशी सीनियर डिवीजन की न्यायाधीश जय श्री राणा के एक आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील के रूप में दायर किया गया है। उक्त आदेश में न्यायाधीश ने निशिता के खिलाफ दो अलग-अलग जाति प्रमाण पत्रों का लाभ लेने के गंभीर आरोपों पर विचार किया गया था।जिसमें आंचल की याचिका में, निशिता ने न्यायाधीश के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों के स्टे के निर्देश दिए गए थे। फिलहाल निशिता को कोई राहत नहीं मिली है। वहीं उत्तरकाशी सीनियर डिवीजन में यह मामला चलता रहेगा।

वहीं हाई कोर्ट में निशिता के मामले को देखने वाले सीनियर एड्वोकेट राजेंद्र डोभाल ने बताया कि इस मामले में उच्च न्यालय ने अगली सुनवाई के लिए 4 दिसम्बर की तारीख तय की है।

मामले की मुख्य बातें:

  1. दोहरे जाति प्रमाण पत्र का आरोप: निशिता पर दो अलग-अलग जाति प्रमाण पत्रों का अनुचित लाभ उठाने का प्रयास करने का आरोप है।
  2. गलत नामांकन स्वीकार्य: यह स्वीकार किया गया है कि एक गलत तरीके से प्राप्त जाति प्रमाण पत्र के आधार पर उनका नामांकन ब्लॉक प्रमुख पद के लिए स्वीकार किया गया था।
  3. जिला न्यायालय में मुकदमा जारी: उच्च न्यायालय के आदेश के बाद, अब इस मामले की सुनवाई माननीय जिला न्यायालय, उत्तरकाशी सीनियर डिवीजन में जारी रहेगी, जहां आगे की कार्यवाही होनी है।
  4. उच्च न्यायालय ने इस मामले में त्वरित सुनवाई की आवश्यकता को स्वीकार करते हुए, संबंधित सभी पक्षों को तीन सप्ताह के भीतर अपना-अपना जवाब दायर करने का निर्देश दिया है।