डीएम ने त्यूनी में सार्वजनिक लाइब्रेरी की मरम्मत और फर्नीचर के लिए दिया पैसा
मीडिया लाइव, देहरादून : जनपद देहरादून के दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्र त्यूनी में सार्वजनिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) की मरम्मत एवं फर्नीचर व्यवस्था के लिए रु 12.00 लाख स्वीकृत किये गए हैं। इसके लिए पहली किस्त के 7.20 लाख रूपये जारी भी कर दिए गए हैं। जिलाधिकारी के त्यूनी भ्रमण के दौरान छात्र-छात्राओं एवं संकल्प जनजातीय उत्थान फांउडेशन समिति ने जिलाधिकारी से पुस्तकालय बनाने का अनुरोध किया था, जिस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियन्ता, ग्रामीण निर्माण विभाग, प्रखण्ड देहरादून के माध्यम से त्यूनी में सार्वजनिक पुस्तकालय की मरम्मत एवं फर्नीचर व्यवस्था को 12.20 लाख के प्रस्ताव के अनुसार धनराशि स्वीकृत कर पहली किस्त जारी कर दी है।
जिला प्रशासन के सत्त प्रयासों से जनपद देहरादून के दूरस्थ क्षेत्र त्यूनी में शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। त्यूनी में सार्वजनिक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) की मरम्मत एवं फर्नीचर व्यवस्था हेतु रु0 12.20 लाख का प्राक्कलन तैयार किया गया था, जिसमें से रु0 12.00 लाख की धनराशि स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त के रूप में 60 प्रतिशत अर्थात रु0 7.20 लाख की धनराशि जारी कर दी गई है। इसके लिए शेष 40 प्रतिशत धनराशि रु 4,80,000/- (रुपये चार लाख अस्सी हजार मात्र) की धनराशि उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं तृतीय पक्ष द्वारा जाँच आख्या प्राप्त होने के उपरान्त जारी की जाएगी।
मुख्यमंत्री की दूरस्थ क्षेत्रों तक समान शिक्षा अवसर उपलब्ध कराने की नीति को धरातल पर उतारते हुए जिलाधिकारी सविन बंसल के नेतृत्व में जिला प्रशासन शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ करने हेतु निरंतर ठोस एवं परिणामोन्मुखी कार्य कर रहा है। त्यूनी जैसे दुर्गम क्षेत्र में पुस्तकालय सुविधा का सुदृढ़ीकरण विद्यार्थियों को अध्ययन, प्रतियोगी परीक्षाओं एवं ज्ञानवर्धन के लिए सशक्त मंच प्रदान करेगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि समस्त जनपद सहित दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुविधाओं का विस्तार जिला प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। पुस्तकालय जैसी सुविधाएँ विद्यार्थियों में अध्ययन संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायक सिद्ध होंगी। जिला प्रशासन शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर क्रांतिकारी एवं परिणामोन्मुखी कदम उठा रहा है।