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उत्तराखंड में हुआ मंत्रिमंडल विस्तार, इन्हें मिला मौका

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मीडिया लाइव, देहरादून: प्रदेश की राजनीति में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया। लंबे समय से रिक्त चल रहे पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल का आखिरकार विस्तार हो गया, और पांच विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ले ली। राजधानी के लोकभवन में सुबह दस बजे आयोजित एक भव्य समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने नवनियुक्त मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही धामी मंत्रिमंडल की क्षमता बढ़कर 12 हो गई है।

मौजूदा सरकार के कार्यकाल के चार साल पूरे होने में मात्र तीन दिन शेष हैं और इसी संधि-बेला पर सरकार ने कैबिनेट विस्तार का बड़ा फैसला लिया। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए इस फेरबदल को बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार ने नई टीम के जरिए क्षेत्रीय असंतुलन, जातीय समीकरण और महिला-युवा वर्ग को साधने की रणनीति अपनाई है।

साल 2022 में जब भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी थी, तब मुख्यमंत्री धामी समेत 9 मंत्रियों ने शपथ ली थी। उस समय से ही तीन पद खाली थे। इसके बाद अप्रैल 2023 में तत्कालीन परिवहन मंत्री चंदन रामदास के निधन से एक और सीट रिक्त हो गई। वहीं, हाल ही में मार्च 2025 में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा दिए गए एक विवादित बयान के चलते उन्हें इस्तीफा देना पड़ा, जिससे मंत्रिमंडल में कुल पांच पद खाली हो गए थे। इन्हीं पांच सीटों को आज भर दिया गया।

शपथ ग्रहण समारोह में जिन विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, उनमें क्षेत्रीय विविधता और वरिष्ठता का खास ख्याल रखा गया है। नई टीम के सदस्य इस प्रकार हैं:

· भरत चौधरी: रुद्रप्रयाग विधानसभा सीट से विधायक, गढ़वाल क्षेत्र का प्रतिनिधित्व।
· प्रदीप बत्रा: रुड़की विधानसभा सीट से विधायक, मैदानी क्षेत्र और हरिद्वार जिले का प्रतिनिधित्व।
· मदन कौशिक: हरिद्वार विधानसभा सीट से विधायक, वरिष्ठ नेता और प्रदेश की राजनीति के जाना-माना चेहरा।
· खजान दास: राजपुर विधानसभा सीट (देहरादून) से विधायक।
· राम सिंह कैड़ा: भीमताल विधानसभा सीट (नैनीताल) से विधायक, कुमाऊं क्षेत्र को मिला प्रतिनिधित्व।

इन पांचों के शपथ ग्रहण के साथ ही उत्तराखंड सरकार ने एक बार फिर अपनी टीम को अंतिम रूप दे दिया है, और अब सभी की निगाहें इन नए मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर टिकी हैं।