
विधानसभा निर्वाचन-2027 की तैयारियां तेज, निर्वाचन आयोग ने शुरू किया 1 बड़ा मतदाता पुनरीक्षण अभियान
जसपाल सिंह, चमोली, 23 अक्टूबर 2026: विधानसभा निर्वाचन-2027 की तैयारियां तेज होने के साथ ही चमोली में 23 अक्टूबर से ईवीएम-वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच शुरू हो चुकी है। आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत जनपद चमोली में ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (एफएलसी) 23 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ की जा रही है।
यह महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया विकास भवन, गोपेश्वर के सामने स्थित ईवीएम-वीवीपैट गोदाम में संचालित हो रही है। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (ECIL) के अधिकृत इंजीनियरों द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारी की सीधी निगरानी में संपन्न कराया जा रहा है।
चमोली में क्यों शुरू हुई ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच
जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक सामान्य एवं उप निर्वाचन में उपयोग की जाने वाली ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) कराना बेहद अनिवार्य है। आगामी चुनावों में केवल उन्हीं मशीनों का उपयोग किया जाएगा जो इस एफएलसी प्रक्रिया में पूरी तरह प्रमाणित और सही पाई जाएंगी।
ईवीएम और वीवीपैट जांच का क्या समय तय हुआ है
जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, एफएलसी की यह प्रक्रिया 23 अक्टूबर से शुरू होकर कार्य समाप्ति तक लगातार चलेगी। इसके लिए प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से सायं 7 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। इसमें रविवार तथा अन्य सभी सार्वजनिक अवकाश के दिन भी कार्य जारी रहेगा। भारत निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुरूप इसके लिए गोदाम परिसर में सभी जरूरी सुरक्षा व तकनीकी व्यवस्थाएं पहले ही पूर्ण कर ली गई हैं। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड तथा भारत निर्वाचन आयोग के स्तर से भी ऑनलाइन व ऑफलाइन माध्यम से की जा रही है।
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प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए किन्हें साक्षी बनाया गया
चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों और पदाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। इससे पहले 21 अक्टूबर को आयोजित एक विशेष बैठक में भी दलों से अपने अधिकृत प्रतिनिधियों को इस पूरी जांच प्रक्रिया का गवाह बनने के लिए भेजने का अनुरोध किया जा चुका है।
जिलाधिकारी श्री गौरव कुमार ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से पुनः अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण तकनीकी जांच में सक्रियता से प्रतिभाग करें ताकि चमोली जनपद में पूरी तरह स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव संपन्न कराया जा सके।