
टाइगर श्रॉफ कार फायरिंग केस: मुंबई पुलिस ने धर-दबोचे 3 शूटर, रैपिडो ड्राइवर ने की थी रेकी
मीडिया रिपोर्ट्स, मुंबई: 20 अक्टूबर 2026: टाईगर श्रॉफ फायरिंग केस (Tiger Shroff firing case) में मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुंबई/मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अभिनेता की कार पर अंधाधुंध गोलियां बरसाने वाले तीनों मुख्य आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए ये तीनों शूटर मुंबई से भागने के बाद पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली होते हुए नेपाल भागने की फिराक में थे।
रैपिडो बाइक टैक्सी ड्राइवर ने की थी अभिनेता की पूरी रेकी
कोटा पुलिस और मुंबई क्राइम ब्रांच की शुरुआती पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक शूटर मुंबई में रैपिडो (Rapido) बाइक-टैक्सी ड्राइवर के रूप में काम कर रहा था। उसने ही जुहू के उस फुटबॉल ग्राउंड के आसपास की पूरी रेकी की थी जहां टाइगर श्रॉफ अक्सर रविवार को मैच खेलने आते हैं। पुलिस के मुताबिक, शूटरों का प्लान पहले 11 अक्टूबर को ही हमला करने का था। लेकिन उस दिन सही मौका न मिल पाने के कारण उन्होंने 18 अक्टूबर (रविवार) की शाम को इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का गहरा शक
इस हमले के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अनिल पंडित और हरमन संधू नाम के अकाउंट्स से पोस्ट शेयर कर वारदात की जिम्मेदारी ली गई है, जिसका सीधा कनेक्शन लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जोड़ा जा रहा है। पकड़े गए शूटरों में से मुख्य आरोपी रेहान पहले से ही बिश्नोई गैंग के मददगार अनिल पंडित के संपर्क में था। मुंबई क्राइम ब्रांच अब इन आरोपियों को 48 घंटे के ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ला रही है ताकि इनके विदेशी हैंडलर्स और हथियारों के नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
हमले में बाल-बाल बचे टाइगर श्रॉफ, ड्राइवर को आई चोटें
यह पूरी घटना रविवार शाम करीब 7 बजे की है, जब जुहू में पुष्पा पार्क के पास मोटरसाइकिल पर आए तीन बदमाशों ने अभिनेता की चलती गाड़ी पर 5 से 6 राउंड फायरिंग की थी। गनीमत यह रही कि टाइगर श्रॉफ इस हमले में पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, गाड़ी का शीशा टूटने और गोली लगने के कारण उनके कार ड्राइवर फिरदौस और स्टाफ मेंबर उमेश चव्हाण घायल हो गए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने मामले की जांच तुरंत क्राइम ब्रांच को सौंप दी थी।
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