उत्तराखण्ड न्यूज़

गड्ढामुक्त सड़क अभियान: सड़कों को शत-प्रतिशत दुरुस्त करने में देरी पर भड़के गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप

सतेंद्र सिंह, देहरादून, 16 अक्टूबर 2026 : gaddhmukt sadak ,गड्ढामुक्त सड़क अभियान को लेकर देहरादून में गढ़वाल मंडल के आयुक्त आनंद स्वरूप ने सड़कों की बदहाली और अधूरे पैचवर्क को लेकर बेहद कड़ा और रुख अपना लिया है। उन्होंने साफ किया कि टूटी और जर्जर सड़कों के मामले में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आयुक्त ने सभी सम्बंधित विभागों और निर्माणदायी संस्थाओं को दो-टूक चेतावनी देते हुए काम में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं।

उत्तराखंड के देहरादून में गुरुवार को गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप ने कैंप कार्यालय में एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में सड़कों को पूरी तरह गड्ढामुक्त सड़क बनाने के अभियान की हकीकत जांची गई। तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी जब सड़कों का काम शत-प्रतिशत पूरा नहीं मिला, तो आयुक्त ने निर्माणदायी संस्थाओं के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग (लोनिवि), पीएमजीएसवाई और बीआरओ जैसी संस्थाओं को शेष बचा हुआ काम हर हाल में 16 अक्टूबर तक पूरा करने का अंतिम अल्टीमेटम दिया है।

ये भी पढ़ें  : अवरुद्ध मार्गों को प्राथमिकता से खोलें- आयुक्त

समीक्षा बैठक में फूटा आयुक्त का गुस्सा

देहरादून स्थित आयुक्त कैंप कार्यालय में आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का माहौल काफी गर्म रहा। गढ़वाल मंडल आयुक्त आनंद स्वरूप सड़कों की मरम्मत के काम की धीमी रफ्तार को लेकर बेहद गंभीर दिखे। उन्होंने अधिकारियों से साफ लहजे में कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता आम जनता को सुरक्षित और सुगम सफर देना है, लेकिन धरातल पर काम की रफ्तार निराश करने वाली है।
उन्होंने कड़े शब्दों में हिदायत दी कि gaddhmukt sadak परियोजना में किसी भी तरह की लापरवाही या बहानेंबाजी अब बिल्कुल नहीं चलेगी। अगर त्योहारों के इस सीजन में आम जनता को गड्ढों के कारण आवागमन में थोड़ी भी परेशानी होती है, तो संबंधित विभाग के शीर्ष अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

95 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा और बारिश का बहाना

बैठक के दौरान जब आयुक्त ने काम लटके होने का जवाब मांगा, तो विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं के इंजीनियरों और अधिकारियों ने अपनी सफाई पेश की। अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड में बीते दिनों हुई भारी और लगातार बारिश के चलते सड़कों पर डामरीकरण (सड़क पक्की करने) का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ। डामर बिछाने के लिए जिस अनुकूल तापमान की जरूरत होती है, वह मौसम खराब होने के कारण नहीं मिल सका।
हालांकि, निर्माणदायी संस्थाओं ने आयुक्त को आश्वस्त किया कि विपरीत मौसम के बावजूद जनपद में gaddhmukt sadak अभियान के तहत लगभग 95 प्रतिशत पैचवर्क और मरम्मत का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब सिर्फ 5 प्रतिशत काम ही बचा है, जिसे पूरा करने के लिए रात-दिन लेबर लगाई गई है।

अधिकारियों को 16 अक्टूबर का कड़ा अल्टीमेटम

आयुक्त आनंद स्वरूप ने बारिश के तर्क को सुनने के बाद भी काम की समयसीमा में कोई बड़ी छूट देने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जो भी 5 प्रतिशत कार्य शेष रह गया है, उसे प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। आयुक्त ने निर्देश दिया कि बची हुई सड़कों पर पैचवर्क और डामरीकरण का काम युद्धस्तर पर चलाया जाए और इसे 16 अक्टूबर तक हर हाल में खत्म किया जाए।
उन्होंने सभी संस्थाओं के प्रमुखों को आदेश दिया कि वे दफ्तरों में बैठने के बजाय खुद फील्ड में उतरें। सभी अधिकारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मार्गों की खुद नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें ताकि काम की गुणवत्ता (Quality) से कोई समझौता न हो। आम जनता की सुविधा के लिए सड़कों की गड्ढामुक्ति में तेजी लाना अनिवार्य है।
बैठक में गढ़वाल मंडल के बुनियादी ढांचे से जुड़े तमाम बड़े अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारी शामिल हुए:
• सरिता बुदियाल (डीजीएम)
• दयानंद (मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग)
• एमपीएस रावत (अधीक्षण अभियंता, लोनिवि)
• एमके मित्तल (मुख्य अभियंता, पीएमजीएसवाई)
• रोहित श्रीवास्तव (अधिशासी अभियंता)
• मनजीत देशवाल (परियोजना प्रबंधक, ब्रिडकुल)
• सुरेश तोमर (नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय राजमार्ग)
• विनीत कुरेल (अधीक्षण अभियंता, आरडब्ल्यूडी)
• योगम्बर सिंह रावत (सहायक अधिशासी अभियंता, बीआरओ)

सही जानकारी देश का हक़ - उत्तराखंड की खबरों के लिए जुड़े रहिए MEDIA LIVE के साथ।