सीएम पुष्कर सिंह धामी ने पेश किया 1 लाख 11 हजार 703 करोड़ का बजट
मीडिया लाइव, गैरसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में आज से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया है। परंपरागत ढंग से सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल के अभिभाषण से हुई से हुई। बजट में सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का खाका सदन के सामने रखा गया है। बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार की पिछले एक वर्ष की उपलब्धियों के साथ-साथ आगामी योजनाओं और नीतिगत प्राथमिकताओं का उल्लेख किया।
इस अभिभाषण को सरकार के विजन और भविष्य की विकास योजनाओं की दिशा के रूप में देखा जाता है। आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीएम धामी ने पेश किया 111,703.21 करोड़ का बजट, पिछले साल से 10% अधिक, अब तक का सबसे बड़ा। इस बजट पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई थी। माना जा रहा है कि बजट में आधारभूत ढांचे के विकास, रोजगार, पर्यटन, कृषि, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जा सकता है। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों के विकास और युवाओं के लिए नई योजनाओं की घोषणा भी संभावित हैं। गैरसैंण में आयोजित होने वाला यह बजट सत्र राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि सरकार अपने कार्यकाल के चार साल पूरे होने की ओर बढ़ रही है। इसे उत्तराखंड के अब तक के सबसे बड़े बजट के रूप में पेश किया गया है। कुल मिलाकर सदन में पेश सरकार के इस 111,703.21 करोड़ (1 लाख 11 हजार 703 करोड़) के बजट को पिछले वर्ष के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक बढ़ा कर पेश किया गया है।
धामी सरकार ने अपने बजट में सामाजिक कल्याण के तहत महिलाओं और बच्चों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल की हैं. सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 के लिए 598.33 करोड़ रुपये दिए गए हैं। प्रधानमंत्री पोषण मिशन के लिए 149.45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ‘मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना’ (30 करोड़), ‘आंचल अमृत योजना’ (15 करोड़) और ‘वात्सल्य योजना’ (15 करोड़) जैसी योजनाओं के माध्यम से पोषण और सुरक्षा पर सरकार ने विशेष ध्यान दिया है।
उत्तराखंड में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए बुनियादी ढांचे पर बड़ा निवेश किया जा रहा है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़कों के जाल के लिए 1,050.00 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सीएम ने कहा कि इसके साथ ही, सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए ‘गड्ढा मुक्त सड़क अभियान’ हेतु हमने 400.00 करोड़ रुपये का अलग से प्रावधान किया है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर धामी सरकार ने बहुत फोकस किया है. गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूंजीगत मद में 1,642.20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पंचायतों के सशक्तिकरण के लिए पंचायती राज संस्थाओं को 1,491.00 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. सीमांत क्षेत्रों के विकास के लिए ‘मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना’ और ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के लिए विशेष ध्यान दिया गया है।
उत्तराखंड बजट में सीएम धामी ने स्वास्थ्य क्षेत्र को सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं में से एक बताया है। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के लिए 600.00 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और दूरस्थ क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया है। सीएम धामी ने कहा कि आयुष्मान योजना के माध्यम से राज्य के नागरिकों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा जारी रखी जाएग।