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अंकिता भण्डारी हत्याकांड पर आज शाम लाइव होंगे हरीश रावत

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मीडिया लाइव, देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने सियासत को गर्म करने वाले अली एक सोशल मीडिया पोस्ट जारी की है। यह पोस्ट राज्य में सत्तारूढ़ बीजेपी की परेशानी बढ़ा सकती है। बता दें कि बीते तीन दिनों से उत्तराखंड की सियासत में दिवंगत अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। ऐसे में इस मामले को कांग्रेस हाथ से नहीं देना चाहती । विपक्षी दल होने के नाते जानत के ज्वलंत मुद्दों। पर उसका मुखर होकर सामने आना लाजमी है। हरीश रावत ने पोस्ट के जरिए यह खाने का प्रयास किया है कि वह अगले तीन दिन सत्ता को चुनौती देने के लिए कमर कस चुक हैं और आगे भी बीजेपी पर लगातार हमलावर रहेंगे। रावत ने लिखा कि मैंने आज सुबह 4 शुभ निर्णय लिए हैं, जिन्हें मैं आपके साथ साझा करना चाहता हूँ।

पहला शुभ निर्णय है कि मैं आज शाम 07:45 बजे, अपने Facebook पेज पर लाइव रहूँगा और आपसे अंकिता, उत्तराखंड का स्वाभिमान और सत्ता का प्रपंच—इन विषयों पर बात करूँगा।

कल, अर्थात दिनांक 25 दिसंबर को शाम 07:45 बजे फेसबुक पेज पर लाइव रहूँगा और मैं आप सबसे माल्टा और धाद संस्था के इनिशिएटिव पर बात करूँगा।

मैंने यह भी निर्णय लिया है कि मैं कल 25 दिसंबर को भाजपा कार्यालय, देहरादून में दोपहर 01:15 बजे पहुँचकर भोंपू लगाकर उन्हें चुनौती दूँगा कि तुम प्रमाण दो, जो कुछ तुमने मेरे खिलाफ 2017 से प्रचारित किया है। चाहे वह जुम्मे की नमाज़ की छुट्टी हो, चाहे वह मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने का बयान हो, या अब मुझे जिस तरीके से पाकिस्तान समर्थक दिखाया जा रहा है। जिस तरीके से मुझे घुटने टेके हुए दिखाकर मेरे स्वाभिमान को आहत किया जा रहा है, उस पर मैं उनसे प्रमाण माँगूँगा। कल इसकी बानगी होगी दोपहर 1:15 बजे, और नए साल पर नया कार्यक्रम जारी करूँगा। 6 और दिन जाकर वहाँ भाजपा को ललकारूँगा।

मैंने यह भी निर्णय लिया है कि मैं भाजपा के इस कुकृत्य से गाँव-गाँव तक लोगों को परिचित कराने के लिए एक पत्र लिखूँगा। ग्राम प्रधानों, पूर्व प्रधानों, उप-प्रधानों, पंचायत के सभी सदस्यों और गाँव के गणमान्य लोगों को, उसमें भाजपा के इन प्रपंचों का उल्लेख करूँगा। पहले ई-पत्र के रूप में लिखूँगा, फिर उसे पत्र के रूप में लोगों को भेजूँगा और उसके बाद पैम्फलेट/पोस्टर के रूप में गाँव-गाँव तक पहुँचाऊँगा।
सत्ता का प्रपंच मैं नहीं चलने दूँगा। इन्होंने मेरी देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति पर प्रश्न उठाया है। मेरे स्वाभिमान को ललकारा है और मैं इन्हें इसका परिणाम भुगतने के लिए मजबूर कर दूँगा।