उत्तराखण्ड न्यूज़

ढोल-नगाड़ों से स्वागत हुआ सिलक्यारा सुरंग में फंसे रह गबर सिंह नेगी का

FacebookTwitterGoogle+WhatsAppGoogle GmailWeChatYahoo BookmarksYahoo MailYahoo Messenger

मीडिया लाइव, कोटद्वार : उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में फंसे उत्तराखंड कोटद्वार के गब्बर सिंह नेगी अपने घर कोटद्वार पहुंच गए। कोटद्वार पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने ढोल नगाड़ों के साथ गब्बर सिंह नेगी का जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष क्षेत्रीय विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने कोटद्वार के लालपनी के बिशनपुर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर उनका स्वागत सम्मान कर उनको सम्मानित किया। साथ ही उन्हें मिष्ठान खिलाया .

विधानसभा अध्यक्ष ने उनके जज्बे और साहस की सराहना की। साथ ही उन्होंने गब्बर सिंह को धर्मपत्नी यशोदा देवी को माला पहना कर उनके धैर्य और उनके विश्वास की सराहना की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा की उत्तरकाशी के सिल्क्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूर 17 दिनों तक संघर्ष करते रहे, पल-पल निराशा और आशा के बीच जूझते हुए उनका जो वक्त वहाँ गुजरा शायद वो उसे कभी भुला न पाएँ, इस सबके बीच ये सभी मजदूर गब्बर सिंह नेगी की ज़िंदादिली के भी ताउम्र के लिए कायल हो गए। गब्बर सिंह नेगी उन 41 श्रमिकों में शामिल थे, जो अंदर 17 दिनों तक फँसे रहे।

उन्होंने कहा की वो नेगी ही थे जिन्होंने मुश्किल की उन घड़ियों में जिंदगी जीने की उम्मीद इनके दिलों में जलाए रखी। यही वजह है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी कोटद्वार के पहाड़ के गब्बर के लिए कहना पड़ा, “देखो गब्बर सिंह, मैं तुम्हें तो विशेष रूप से बधाई देता हूँ, क्योंकि मुझे डेली रिपोर्ट हमारे मुख्यमंत्री जी बताते थे कि आप दोनों ने जो लीडरशिप दी और जो टीम स्प्रिट दिखाई मुझे तो लगता है शायद किसी यूनिवर्सिटी को एक केस स्टडी तैयार करनी पड़ेगी।