पञ्च तत्व में विलीन हुई राज्य आंदोलन की अग्रणी नेता सुशीला ताई ..
मीडिया लाइव, देहरादून : उत्तराखंड राज्य आंदोलन की प्रमुख आंदोलनकारियों में शामिल रही सुशीला बलूनी आंदोलनकारियों के बीच सुशीला ताई के नाम से जानी जाती थी। मंगलवार शाम उनका निधन हो गया। इस खबर के सामने आने से पूरे उत्तराखंड में शोक कई लहर दौड़ पड़ी । सोशल मीडिया में श्रद्धांजलियों की बाढ़ आ गयी। प्रदेश के हर क्षेत्र से लोग बलूनी से जुडी यादों को साझा करने लगे। हरिद्वार स्थित खड़खड़ी घाट पर उन्हें मुखाग्नि दी गयी। इस बीच सुशीला ताई के सम्मान में श्रद्धांजलि स्वरुप नारे गुंजायमान होते रहे।
आज बुधवार को उन्हें अंतिम विदाई देने वालों का तांता उनके निवास डोभालवाला में लगा रहा। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उनके डोभालवाला स्थित आवास पर पहुंचकर उनके पार्थिव शरीर पर पूष्प अर्पित किए। उन्होेंने दिवंगत की आत्मा की शांति एवं शोक संतप्त परिजों को र्धर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पृथक उत्तराखंड के निर्माण में स्व. सुशीला बलूनी के योगदान को सदैव याद रखा जाएगा।
इसके अलावा राज्य के विभिन्न हिस्सों में राज्य आंदोलन से जुड़े लोगों और सामाजिक संगठनों ने सुशीला ताई के निर्धन पर शोक प्रकट किया। इसके बाद सुशीला बलूनी की पार्थिव देह को देहरादून स्थित शहीद स्थल पर लाया गया। जहाँ सामाजिक, राजनितिक और तमाम अन्य क्षेत्रों से जुड़े हुए लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य आंदोलन के दौरान उनसे जुड़े हुए संस्मरणों को याद किया।