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चाय बागान की 146 एकड़ और सीलिंग जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक !

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देहरादून: शिकायत मिली थी कि कुछ लोगों द्वारा अवैध क्रय-विक्रय किया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर एडीएम प्रशासन शिवकुमार बरनवाल ने एडीएम वित्त एवं राजस्व/जिला निबंधक को जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक लगाने के लिए पत्र लिखा है।

खबर विस्तार से : जिला प्रशासन ने सीलिंग और चाय बागान की 146 एकड़ से अधिक जमीन की खरीद और बिक्री पर रोक के आदेश दिए हैं। 26 साल पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अविभाजित उत्तर प्रदेश में भी इस संबंध में आदेश जारी किए गए थे।

दो साल पहले शिकायत मिली थी कि कुछ लोगों द्वारा फर्जीवाड़े से इन जमीनों पर प्लाटिंग कर खुद-बुर्द किया जा रहा है। डीएम डॉ. आर राजेश कुमार ने बताया कि इस जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। डीएम ने बताया कि 31 जुलाई 1996 में राज्य सरकार बनाम कुंवर चंद्र बहादुर सिंह से संबंधित वाद में इस जमीन की क्रय-विक्रय पर रोक के आदेश पारित किए गए थे।

उन्होंने बताया कि इसमें ग्राम रायपुर के 24.74 एकड़, ग्राम नत्थनपुर की 18.42 एकड़, गांव क्यारकुल भट्टा की 2.12 एकड़, लाडपुर गांव की 14.06 एकड़, धर्मपुर गांव की .34 एकड़, रैनापुर गांव की 18.82 एकड़ यानि सीलिंग की कुल 78.50 एकड़ भूमि भी शामिल है। रायपुर गांव की 35.79 एकड़ चाय भूमि, 2.47 एकड़ रविश चाय भूमि, ग्राम लाडपुर की 16.98 एकड़ चाय भूमि, 1.57 एकड़ रविश चाय भूमि, ग्राम नत्थनपुर की 3.57 एकड़ चाय भूमि, 1.79 एकड़ रविश चाय बाग भूमि, ग्राम चकरायपुर की 6.70 एकड़ चाय बाग आदि की भूमि भी शामिल है। पत्र में अनुरोध किया कि इस संबंध में विक्रयपत्र अगर कार्यालय में आते हैं, तो ऐसे विक्रयपत्रों के पंजीकरण पर तत्काल रोक लगाई जाए, जिससे राज्य सरकार और चाय बागान की जमीन की अवैध खरीद फरोख्त न हो।