बिना रजिस्टर्ड स्कॉर्पियो-एन चला रहा था नाबालिग, सीज : औरों पर भी हुई ये कार्रवाई
मीडिया लाइव, देहरादून : आज शहर में संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा देहरादून की टीम ने बिना रजिस्ट्रेशन गाड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गयी। आरटीओ टीम ने देहरादून में सघन चेकिंग अभियान चलाया। अभियान बिना पंजीकरण और बिना नंबर प्लेट चल रहे वाहनों के खिलाफ चलाया गया। आरटीओ के मुताबिक ऐसे वाहन स्वामियों या संबंधित एजेंसियों की पहचान करना कठिन हो जाता है।
ऐसे में आज आरटीओ ने यह अभियान चलाया।
आज की इस चेकिंग के दौरान दो स्कॉर्पियो-एन वाहन बिना पंजीकरण के चलते मिले, जिन्हें मौके पर ही सीज कर दिया गया। खतरनाक बात यही रही कि इनमें से एक गाड़ी करीब 45,000 किलोमीटर चल चुकी थी और उसे एक नाबालिग चला रहा था। उस गाड़ी को को कड़ी निगरानी और पीछा करने के बाद मुश्किल से पकड़ा गया तथा बाईपास पुलिस चौकी, नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में सीज किया। इसके अलावा एक थार वाहन का भी चालान किया गया।
इसके अतिरिक्त अन्य वाहनों के विरुद्ध भी कार्रवाई करते हुए कुल 128 वाहनों का चालान किया गया तथा 18 वाहनों को निरुद्ध (सीज) किया गया। इसमें 12 वाहन अपंजीकृत थे।जिन वाहनों के स्वामी तत्काल उपलब्ध नहीं थे, उनके विरुद्ध संबंधित वाहन डीलरों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की जा रही है।संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा) डॉ. अनीता चमोला ने बताया कि ऐसे डीलर, जो बिना पंजीकरण के वाहन स्वामियों को वाहन डिलीवर करते हैं, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उनके ट्रेड लाइसेंस के निलंबन अथवा निरस्तीकरण हेतु भी संस्तुति की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण एवं बिना नंबर प्लेट के वाहनों का संचालन न केवल सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि इससे आपराधिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है, क्योंकि ऐसे वाहन कैमरों की निगरानी से बचने में सहायक होते हैं। ऐसे में सभी वाहन स्वामियों, फर्मों एवं वाहन डीलरों को निर्देशित किया गया है कि बिना विधिवत पंजीकरण व नंबर प्लेट के किसी भी वाहन की डिलीवरी संचालन न करें। अन्यथा उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा यह अभियान जनहित एवं सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
अभियान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन), देहरादून पंकज श्रीवास्तव एवं उनकी टीम द्वारा संचालित किया गया। इसमें अनुराधा पंत, प्रज्ञा पंत परिवहन कर अधिकारी एवं अन्य शामिल थे।अभियान के दौरान विशेष रूप से अपंजीकृत निजी वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया गया।