गुलदार के हमले में मारी गयी माशूम के परिजनों से मिले गणेश गोदियाल
मीडिया लाइव, पौड़ी : जिले में गुलदार का आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसे में पहाड़ में आम लोगों के जीवन पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ऐसा ही ताजा मामला एक बार जिले की चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के तिमलीखाल के भतकोट गाँव में सामने आया है। जहां एक 4 वर्षीय मासूम बच्ची को गुलदार ने निवाला बना दिया।
खबर के मुताबिक भतकोट निवासी हरेंद्र सिंह की 4 वर्षीय पुत्री श्रष्टि करीब गुरूवार की रात 9 बजे खाना खाने के बाद घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान घात लगाए गुलदार ने अचानक हमला कर बच्ची पर झपट्टा मार लिया और तेजी से उसे खेतों की ओर ले गया। परिजनों के शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खोजबीन शुरू की। काफी खोजबीन के बाद बच्ची का शव घर से कुछ दूरी पर झाड़ियों में बरामद हुआ।
इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों के हमले बढ़ रहे हैं, लेकिन न तो सरकार और न ही वन विभाग इस पर ठोस कार्रवाई कर पा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही सामाजिक कार्यकर्ता कवींन्द्र इस्टवाल मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि क्षेत्र में लंबे समय से जंगली जानवरों का आतंक बना हुआ है, लेकिन इस गंभीर समस्या को न तो विधानसभा सत्र में मजबूती से उठाया गया और न ही इसके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए गए।
घटना की खबर प्रदेशभर में आग की तरह फ़ैल गयी इसी को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल शनिवार को तिमली ग्रामसभा के भतकोट गांव में पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। इस मौके पर गोदियाल ने मासूम चार वर्षीय बच्ची को गुलदार के निवाला बनाए जाने की घटना को बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक बताया है। उन्होंने कांग्रेसजनों एवं स्थानीय लोगों के साथ पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाने की कोशिश की। गोदियाल ने पीड़ित परिवार के साथ अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। साथ ही वन विभाग के अधिकारियों से तत्काल गुलदार को पकड़ने को सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
गुलदार की घटनाओं में बड़ी संख्या में लोग यहाँ अपनी जान गंवा चुके हैं। इस दौरान कांग्रेस नेता और सामाजिक कार्यकर्त्ता कवींन्द्र इस्टवाल मुखर रहे हैं। समय समय पर उन्होंने वन विभाग के खिलाफ मोर्चा भी निकलते रहे हैं। ताजा मामले पर उन्होंने एक बार फिर कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल ठोस कार्रवाई की जाए, गश्त बढ़ाई जाए और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि चौबट्टाखाल क्षेत्र के विधायक ने इस गंभीर समस्या को विधानसभा सत्र में प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। जबकि बीते एक साल में इस इलाके में गुलदार ने बड़ी संख्या में घटनाओं को अंजाम दिया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान दिया जाता, तो शायद ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता था। विधायक ने इस मुद्दे पर गहरी चुप्पी साध राखी है।

वहीं दूसरी तरफ बढ़ते जनदबाव को देखते हुए डीएफओ गढ़वाल गढ़वाल महतिम यादव ने मीडिया लाइव को बताया कि बताया कि घटना स्थल पोखड़ा क्षेत्र में वन विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। जनसुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सक्रिय गुलदार को पकड़ने के साथ ही आवश्यक होने पर मारने की अनुमति दे दी गई है। इसके अलावा क्षेत्र में 3 पिंजरे लगाएं हैं जिनकी संख्या भी बढ़ाई जा रही है और 20 ट्रैप कैमरे लगाए गए, ड्रोन और आधुनिक तकनीक से निगरानी जारी, 2 लाइसेंसधारी शिकारी भी तैनात फिलहाल 6 अप्रैल तक स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया। बच्चों की सुरक्षा के लिए वन और राजस्व टीम स्कूल आने-जाने में मदद करेंगी। ग्रामीणों के लिए चारा-पत्ती की भी व्यवस्था की जा रही है। वन विभाग द्वारा जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि क्षेत्र में जल्द सामान्य स्थिति बहाल हो सके।