
स्थानीय उत्पादों से रोशन होगी दीपावली, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने लगाए स्टॉल
जसपाल सिंह, मीडिया लाइव, चमोली, 6 नवंबर 2026 : स्थानीय उत्पादों से रोशन होगी दीपावली, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने लगाए स्टॉल। गोपेश्वर के कलेक्ट्रेट परिसर में लगा यह बाजार इस बार त्योहार की रौनक को दोगुना कर रहा है। दरअसल, दशोली विकासखंड के हरियाली क्लस्टर (देवर खडोरा) से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने और उनके हुनर को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने यह खास मौका दिया है। इन स्टॉलों पर महिलाओं द्वारा खुद तैयार किए गए मिट्टी के खूबसूरत दीये, घर की सजावट का सामान और कई तरह के ट्रेडिशनल पहाड़ी प्रॉडक्ट्स बिक रहे हैं, जो लोगों को खूब आकर्षित कर रहे हैं।
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स्थानीय उत्पादों से रोशन होगी दीपावली, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने लगाए स्टॉल
इस विशेष दीपावली मेले का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करना है। विकासखंड दशोली की इन हुनरमंद महिलाओं ने कड़ी मेहनत से पारंपरिक दीये, मोमबत्तियां, हाथ से बने हस्तशिल्प और शुद्ध पहाड़ी खाद्य पदार्थ तैयार किए हैं। गोपेश्वर कलेक्ट्रेट में लगे इन स्टॉलों के जरिए प्रशासन स्थानीय स्तर पर ‘Vocal for Local’ अभियान को जमीन पर उतार रहा है, जिससे न सिर्फ त्योहारों पर शुद्ध और स्वदेशी सामान मिल रहा है बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय में भी सुधार हो रहा है। ऐसे ही अन्य महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार के प्रयासों को जानने के लिए आप हमारी वेबसाइट पर उत्तराखंड स्वरोजगार योजना और ग्रामीण आजीविका की विस्तृत रिपोर्ट पढ़ सकते हैं।
इन स्टॉलों पर मिल रहे उत्पाद पूरी तरह से पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) हैं, जो इस दीवाली को प्रदूषण मुक्त और खास बनाने में मदद करेंगे। यहाँ आने वाले खरीदार न केवल सामान खरीद रहे हैं, बल्कि इन ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास को भी बढ़ा रहे हैं। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस त्योहारी सीजन में बड़े ब्रांड्स के बजाय इन स्थानीय दुकानों से खरीदारी करें।
भारत सरकार भी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है, जिसकी आधिकारिक जानकारी आप National Rural Livelihoods Mission (NRLM) Portal पर जाकर देख सकते हैं ताकि यह समझ सकें कि कैसे ये समूह देश भर में बदलाव ला रहे हैं।